
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के मृत बाइसिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा (पीड़िता) की शिकायतों पर झारखंड पुलिस महानिदेशक ने संज्ञान लिया. आजसू नेता अप्पू तिवारी ने गुरुवार को एफआइआर नही होने की शिकायत डीजीपी एमवी राव से की थी. डीजीपी के हस्तक्षेप और निर्देश के बाद जमशेदपुर के सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट से पीड़िता को गुरुवार को जाँच के लिए अपने कार्यालय तलब किया जहाँ पीड़िता घटना की लिखित शिकायत सौंपी. सिटी एसपी ने इस मामले में न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. मामले में तीन दिनों से एफआइआर दर्ज़ नहीं हो रही थी. गोलमुरी थाना ने दो दिनों तक मामले को लटकाने के बाद बुधवार को पल्ला झाड़ लिया था. इसके बाद पीड़िता आजसू नेता अप्पू तिवारी, टाटा मोटर्स यूनियन के पूर्व नेता हर्षवर्धन सिंह और प्रकाश कुमार की मदद से एसएसपी डॉ एम तमिल वणन से मिली थी. एसएसपी ने जाँच और कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन एफआइआर दर्ज़ ना होने से पीड़िता असंतुष्ट थी.
पीड़िता ने टाटा मोटर्स के सुरक्षा अधिकारी विशाल सिंह, यूनियन नेता आरके सिंह समेत अन्य पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की माँग की थी. लिखित शिकायत में पीड़िता ने ज़िक्र किया था कि सिक्यूरिटी ऑफिसर विशाल सिंह और अन्य उनके दिवंगत पति को नाइट शिफ़्ट करने के लिए बाध्य करते थे. बाइसिक्स कर्मी स्वर्गीय आलोक रंजन की पत्नी से कथित रूप से अनैतिक संबंध बनाने की इच्छा से ऑफिसर दबाव बनाया करते थे, जिसे नहीं मानने पर उन्हें नौकरी पर आने से रोक दिया गया था. कंपनी के ऑफिसरों की प्रताड़नाओं से तंग आकर आलोक रंजन ने आत्महत्या कर लिया था. इसके बाद न्याय की माँग करते हुए उनकी विधवा एक थाना से दूसरे थाना भटक रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं. गुरुवार को पीड़िता का पक्ष सुनने के बाद सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट से मामले में प्राथमिकी दर्ज़ करने का आदेश दिया है. इस मामले में शुक्रवार को पीड़िता पुनः संबंधित थाना में एफआइआर के लिए आवेदन दे दी है. सिटी एसपी से मिलने के दौरान आजसू नेता अप्पू तिवारी, बलबीर मण्डल, टाटा मोटर्स यूनियन के निष्काषित नेता हर्षवर्धन सिंह और प्रकाश कुमार भी मौजूद थें. बाईसिक्स कर्मी आलोक सिंह की विधवा ने कहा कि दोषियों को सज़ा दिलाने के लिये वो हर संभव कोशिश करेंगी. कहा कि रसूखदारों के प्रभाव से एफआईआर दर्ज़ होने में इतनी मुश्किलें हो रही है.
उन्होंने उम्मीद जताया कि डीजीपी और सिटी एसपी के आश्वासन के बाद मामले की सही जाँच होगी और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी हो सकेगी. इस प्रकरण में आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि महिला द्वारा लगाये गये आरोप चिंताजनक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाले हैं. उन्होंने टाटा मोटर्स कंपनी में महिला उत्पीड़न पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद अभियुक्त अफसरों पर कार्रवाई नहीं कर के स्थानीय मैनेजमेंट मामले की लीपापोती में ज़ोर लगा रही है. यूनियन के नेता हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि पीड़िता को इंसाफ़ मिलने तक वे हर संभव सहयोग करेंगे. कहा कि कुछ अफसरों और यूनियन नेताओं की प्रताड़ना के कारण पीड़िता का सुहाग उजड़ गया. दूसरी ओर, टाटा मोटर्स के अधिकारी विशाल सिंह ने डीसी जमशेदपुर को लिखकर दिया है कि उनका उस औरत से किसी तरह का कोई लेना देना तक नहीं है. उनको बेवजह फंसाया जा रहा है और एक राजनीतिक षड़यंत्र के तहत उनको शिकार बनाया जा रहा है. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए.





