
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के दिवंगत बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन की आत्महत्या के बाद मामला दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. डीजीपी के निर्देश के बाद सिटी एसपी ने गुरुवार को बाइ-सिक्स कर्मी की विधवा का पक्ष सुना और मामले में एफआइआर दर्ज़ करने का आदेश दिया. शुक्रवार को पीड़िता ने परसुडीह थाना में एफआइआर दर्ज़ करने के लिये लिखित आवेदन सौंपा है. इस दौरान पीड़िता के समर्थन में आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी, टाटा मोटर्स यूनियन के पूर्व महामंत्री प्रकाश कुमार, हर्षवर्धन सिंह और सतीश गुप्ता भी मौजूद थे. इस मामले में परसुडीह थाना प्रभारी से मिलकर महिला ने शिकायत सौंपा है और अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हुए न्याय दिलाने की अपील की. लिखित शिकायत में जिक्र है कि बाइ-सिक्स कर्मी आलोक रंजन को नाइट शिफ़्ट करने के लिए ऑफिसर विशाल सिंह और आरके सिंह बाध्य करते थे. वे आलोक रंजन की पत्नी से अवैध संबंध कि अनैतिक मांग करते थे.

इंकार करने पर उनके पति को ड्यूटी से वापस भेज दिया गया. जब पीड़िता ने कॉल कर के विशाल सिंह ने पूछा तो उसने कॉल पर भी गंदी बातें, अश्लील और अभद्र बातें कहते हुए अनैतिक संबंध बनाने की बात दुहराई अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही. मामले में सिक्यूरिटी ऑफिसर विशाल सिंह के अलावे टाटा मोटर्स यूनियन के महामंत्री और आलोक रंजन के बॉस आरके सिंह पर विशाल भी गंभीर आरोप है. इसके अलावे यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते पर मामले में सहयोग ना करने का भी जिक्र है. पीड़िता ने लिखित आवेदन में जिक्र किया है कि उनके पति ने अपने ऑफिसरों की प्रताड़ना और अनैतिक मांग से ऊबकर आत्महत्या कर लिया. इसके अलावे 05 मई को जब पीड़िता यूनियन महामंत्री आरके सिंह के घर पर बच्चों सहित न्याय मांगने के लिये गई थी तो उस दिन आरके सिंह के परिवार वालों सहित उनके मित्र अनिल शर्मा ने लज्जाजनक लांछन लगाते हुए पीड़िता के साथ धक्का मुक्की और अभद्रता किया. अनिल शर्मा और आरके सिंह पर भी आरोप है कि उन्होंने दबाव बनाया की यदि सीनियर ऑफिरों की मांग मान गई होती तो ये दिन नहीं देखना पड़ता. इन दोनों ने दोबारा से अनैतिक संबंध बनाने की बातों को दोहराते हुए दबाव बनाया था. लोकलज्जा और पति के श्राद्धकर्म की वजह से काफ़ी समय तक पीड़िता ने बर्दाश्त किया लेकिन अब वे न्याय के लिए क़ानूनी संघर्ष करेंगी. इस मामले में आवेदन प्राप्त करने के बाद परसुडीह थाना प्रभारी ने पीड़िता को आश्वस्त किया कि शिकायत के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियुक्तों पर केस दर्ज़ की जायेगी. आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी और हर्षवर्धन सिंह ने अभियुक्त अफसरों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग उठाई. दूसरी ओर, इस पूरे मामले में जमशेदपुर पुलिस जांच करेगी. गरीबों को पहल में जेल भेजने वाली जमशेदपुर पुलिस की ओर से इस हाइप्रोफाइल ऑफिसरों को जेल भेजने या किसी तरह की कार्रवाई करने केे पहले जांच करने की बात कहीं है.














