
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई. जिले के नक्सल प्रभावित बंदगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत खाण्डा गांव में पीएलएफआई उग्रवादियों के किसी बड़ी घटना का अंजाम देने के लिए एकत्रित होने की सूचना चाईबासा पुलिस को गुप्त रूप से मिली थी. खाण्डा गांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन के दिनेश गोप व जीदन गुड़िया के दस्ते के भ्रमणशील होने की सूचना पाते ही चाईबासा पुलिस एवं झारखण्ड जगुआर की संयुक्त टीम के द्वारा सर्च अभियान चलाया गया. इस दौरान खाण्डा गांव की पहाड़ी में सुरक्षा बलों एवं प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन के दिनेश गोप व जीदन गुड़िया दस्ते के उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. यह मुठभेड़ करीब आधा घंटा तक चली. सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देखकर, घने जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर उग्रवादी भाग खड़े हुए. मुठभेड़ बंद होने के बाद चलाये गये सर्च अभियान में बहुत सारे हथियार, जिन्दा कारतूस, वॉकी-टॉकी, मोबाइल एवं अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किये गये.

उल्लेखनीय है कि गुप्त आसूचना एवं वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन के दिनेश गोप व जीवन गुड़िया के दस्ता के विरूद्ध एक विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें जिला पुलिस एवं झारखण्ड जगुआर की टीम शामिल हुई थी. अभियान दल में जिला पुलिस का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, चकधरपुर, बंदगांव थाना प्रभारी एवं झारखण्ड जगुआर की एजी-1 का नेतृत्व उप समादेष्टा दीपक कुमार थापा, एजी- 39 का नेतृत्व सहायक समादेष्टा रत्नेश्वर पाठक, एजी- 32 का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक गोपाल कालुण्डिया कर रहे थे. चाईबासा पुलिस एवं झारखण्ड जगुआर की टीम सर्च अभियान करते हुए एसओपी के अनुरूप आगे बढ़ रही थी कि प्रतिबंधित पीएलआईएफ उग्रवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को लक्षित कर फायरिंग की गई.
सुरक्षा बलों द्वारा उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई. इसके बावजूद उन लोगों के द्वारा फायरिंग की जा रही थी. तत्पश्चात सुरक्षा बलों द्वारा आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की गयी. सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख जंगल-पहाड़ी का लाभ उठाकर उग्रवादी पीछे हट गये. उग्रवादियों की तरफ से फायरिंग बंद हो जाने के बाद सर्च किया गया. सर्च के दौरान बहुत सारे हथियार, जिन्दा कारतुस एवं अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किये गये हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. अभियान दल में शामिल पूरी टीम के द्वारा एसओपी के अनुरूप सटीक एवं सराहनीय कार्य किया गया है. बताया गया है कि उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के उग्रवादियों के विरूद्ध लगातार अभियान जारी रहेगा.
इस संबंध में बंदगांव थाना में भादवि, शस्त्र अधिनियम , यूएपी एक्ट एवं सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उनके पास से एसएलआर 0 7.62 mm, एलएमजी 2,315 राइफल, कन्ट्री मेड 9 एमएम पिस्टल-06 पीस, दोनाली बंदूक-01 पीस, एसएलआर 0 7.62 mm एलएमजी का मैगजीन–01, .315 राइफल का मैगजीन-01, कन्ट्री मेड 9 एमएम पिस्टल मैगजीन-11 पीस, कुल -13 पीस मैगजीन, जिन्दा कारतूस-7.62 एमएम की गोली-169 पीस, वॉकी-टॉकी-01 पीस, वॉकी-टॉकी चार्जर-01 पीस, स्मार्ट फोन-03 पीस एवं की-पैड मोबाईल-01 पीस, कम्बल-06 पीस, प्लास्टिक की चटाई-3 पीस, चादर-5 पीस, गोती रखने वाला पाउच-01 पीस, चाक-02 पीस, थर्मल स्कैनर-01 पीस, पीएलएफआई पर्चा-20 पीस, इलेक्ट्रिक बोर्ड-01 पीस एवं अन्य जरूरत के सामान को जब्त किया है.







