
जमशेदपुर : जमशेदपुर का गैंगस्टर और माफिया अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु कहे जाने वाले विक्रम शर्मा को रांची के होटवार जेल से रिहात कर दिया गया. तीन साल तक जेल में रहने के बाद उसको झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी, जिसके बाद उसको रिहा कर दिया गया. उसको यह कहा गया है कि वह जमशेदपुर कोर्ट में लंबित सारे मामले में हाजिर होगा और शारीरिक रुप से उपस्थित होकर अपनी हाजिरी देगा. इसस शर्त के साथ उसको जमानत दी गयी है. वह जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के आशियाना गार्डेन में रहता है. उसको 15 अप्रैल 2017 को उत्तराखंड के देहरादून के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था. उसके खिलाफ जमशेदपुर में कई आपराधिक मामले दर्ज है. करीब दस साल से वह फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तार 2017 में पुलिस ने की थी. उसके बाद से वह जेल में बंद था.

पहले घाघीडीह जेल में था, उसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से विक्रम शर्मा को रांची के होटवार जेल शिफ्ट कर दिया गया था. गैंगस्टर अखिलेश सिंह खुद दुमका जेल में बंद है, जिसको अपराध जगत में लाने और उसको इस तरह के कांडों के लिए उकसाने के लिए ही विक्रम शर्मा को ही गुरु माना जाता है. वह खुद उत्तराखंड के देहरादून का रहने वाला है. बताया जाता है कि, उसका पहला नाम ट्रांस्पोर्टर अशोक शर्मा हत्याकांड से जुड़ा था. उसके बाद टाटा स्टील के सुरक्षा पदाधिकारी जयराम सिंह की हत्या के मामले में भी वह आरोपी है. अक्तूबर 2008 को यह मर्डर हुआ था. इसके बाद श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या, बर्मामाइंस के परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह के ससुराल पर गोली चलाने, परमजीत सिंह हत्याकांड, साकची काशीडीह में रवि चौरसिया पर गोली चलाने का मामला दर्ज था. वह अपराध करने के दौरान ही आजसू पार्टी से जुड़ चुका था और उसको राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त था. सिदगोड़ा में रहने के दौरान ही वह अखिलेश सिंह के साथ जुड़ा था. वह बाबा केहर सिंह का अनुयायी है और उसके सानिध्य में रहकर ही अखिलेश सिंह ने अपराध का ककहरा सीखा था. अखिलेश सिंह के साथ लगभग सारे केस में वह सहयोगी अपराधी रहा है. उसके ऊपर फर्जी दस्तावेज बनवाने का भी आरोप है.




