
जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना अंतर्गत तीस्ता रोड के क्वार्टर नंबर 97,99 में खूनी खेल खेलते हुए चार लोगों के हत्यारे ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के समक्ष कई राज प्राथमिक पूछताछ में कई राज खोले है. उसके सामने पुलिस ने सबसे पहले यह सवाल रखा कि उसने सभी की हत्या क्यों की. इस पर दीपक ने जवाब दिया की वह बस अपने दोस्त रौशन को मारना चाहता था. चूंकि रौशन ने ही उसे व्यवसाय में लाया था. व्यवसाय में उसे काफी घाटा हो रहा था जिस कारण वह आर्थिक तंगी से गुजरने लगा. आर्थिक तंगी के कारण उसे कुछ नही सूझ रहा था. इसलिए उसने रौशन की हत्या का मन बना लिया था. वह अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या नहीं करना चाहता था. उसके ऊपर बस हत्या करने का ही भूत सवार था. (नीचे देखे खबर और वीडियो)
पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने पुलिस को बताया कि वह घटना को अंजाम देने के बाद वह वहां से वह आदित्यपुर के रास्ते चक्रधरपुर होते हुए राउरकेला पहुंचा वहां रहने के बाद गुरुवार को वह बस से धनबाद पहुंचा जहां उसने धनबाद के बड़तांड स्थित बस स्टैंड के पास सूर्य विहार कॉलोनी स्थित एक होटल में अपने चालक की आईडी से एक कमरा बुक किया और रात वहीं बिताई. यहां से वह धनबाद पुलिस लाइन के पास एचडीएफसी बैंक पहुंचा और 1.50 लाख रुपए अपने भाई के खाते में डलवाए. वह थोड़ी देर बाद और रुपए डालने गया था जिसके बाद उसे पुलिस ने पकड़ लिया. उसने बताया कि अगर पुलिस उसे नही पकड़ती तो वह रुपए ट्रांसफर करने के बाद आत्महत्या कर लेता. (नीचे देखे खबर और वीडियो)
पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद शहर के लिए रवाना हो चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तब उसके पास लगभग 1.09 लाख रुपए नकद पाए गए. फरारी के दौरान उसने लगभग 41 हजार रूपए खर्च कर दिए. हालांकि उसने इतने सारे रुपए कहां खर्च किए ये पुलिस उससे पूछताछ करेगी. बता दे कि 12 अप्रैल को दीपक ने अपनी पत्नी, दो बच्ची और ट्युशन टीचर की हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद उसने अपने साथी पर भी जानलेवा हमला किया था. फिलहाल वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है. बताया जाता है कि जमशेदपुर पुलिस की टीम जैसे ही धनबाद के थाना में पहुंची वैसे ही वह चीख-चीखकर चिल्लाने लगा कि वह ही हत्यारा है और उसने ही हत्याकांड को अंजाम दिया है वह जमशेदपुर जाएगा तो सब कुछ बता देगा.













