
जमशेदपुरः जमशेदपुर के गोलमुरी थाना अंतर्गत नानक नगर में धर्म परिवर्तन के मामले के बाद तोड़फोड़ और आगजनी करने के मामले में दोनो पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए गोलमुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. इधर दंडाधिकारी रवि भारती ने भी दोनो पक्षों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और नाजायज मजमा लगाने का मामला दर्ज कराया है. एक पक्ष ने एम साई कुमारी ने रवि सिंह और विश्वजीत सिंह पर रुपयों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाया है जबकि दूसरे पक्ष से रवि सिंह ने मंजीत सिंह, चिंटू सिंह, अनिल मुखी और 150 अज्ञात के खिलाफ गाली गलौज करने, और धार्मिक भावना को आहत पहुंचाने का आरोप लगाया है. इधर दंडाधिकारी रवि शंकर भारती ने रवि सिंह और 300 अज्ञात पर कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कराया है जबकि अरुण सिंह, अमित मिश्रा, चिंटू सिंह, शंकर राव, अप्पू तिवारी, रवि सिंह, पप्पू उपाध्याय, मंजीत सिंह, जग्गू सिंह, आर श्रीवास्तव, मुन्ना दुबे, आनंद अग्रवाल, संगीत पांडे, कौशिक, प्रेम प्रकाश और सौरभ के अलावा 100 अज्ञात पर गैरकानूनी तरीके से जुलूस निकालना और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए कोविड के गाइडलाइन का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कराया है.
विधायक सरयू राय ने गोलमुरी मामले को सदन में उठाया
जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने विधानसभा में गोलमुरी के मसले को जोरदार तरीके से उठाया. शून्यकाल में सरयू राय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लौहनगरी एवं लघु भारत के रूप में विख्यात झारखण्ड के प्रमुख औद्योगिक शहर जमशेदपुर में अपराध एवं साम्प्रदायिक विद्वेष की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है. 27 फरवरी को जमशेदपुर के गोलमुरी थाना अंतर्गत नानक नगर में आयोजित चंगाई सभा के आयोजकों और इसकी प्रतिक्रिया में उठ खड़े जनसमूह के बीच हुए संघर्ष से वहां साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. चंगाई सभा के आयोजकों द्वारा प्रशासन से अनुमति लिए बिना कार्यक्रम किये जाने से जनमानस में भ्रम पैदा हो गया कि इस कार्यक्रम में धर्मातरण किया जा रहा है. इस कारण लोगों की भीड़ इसके विरोध में उमड़ पड़ी और साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस बल को स्थिति सम्भालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. क्षेत्र में अभी भी तनाव व्याप्त है. श्री राय ने सदन के माध्यम से सरकार से इस घटना की गहन जांच कराने तथा भविष्य में प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं करने देने की मांग की है ताकि लौहनगरी में साम्प्रदायिक सदभाव बना रहे और धर्मान्तरण के प्रयासों पर रोक लगे.







