
जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम के सिमुलडांगा के रहने वाले प्लंबर विष्णु गोराई की मौत के बाद रांची टाटा मार्ग एनएच 33 पर सोमवार की आधी रात तक हंगामा हुआ. इस दौरान रांची टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग 2 घंटे तक जाम रहा. पुलिस ने रात तकरीबन 10 बजे एनएच पर धरना देकर बैठे मृतक के परिजनों को पौने 11 बजे हटाकर जाम खुलवा दिया था. लेकिन, कुछ देर बाद ही परिजन फिर जाम पर बैठ गए. एनएच-33 को जाम कर दिया. जाम करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं. दोबारा जाम लगने की सूचना मिलने पर डीएसपी पटमदा सुमित कुमार भी मौके पर पहुंचे. डीएसपी सुमित सिंह और एमजीएम थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार ने परिजनों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की. लेकिन वह नहीं मान रहे थे. इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने महिला पुलिस भी बुला ली. क्यूआरटी के जवान पहले से ही तैनात थे. (नीचे देखे पूरी खबर)
महिला पुलिस आते ही अधिकारियों ने सड़क पर बैठे लोगों को हटाना शुरू किया और इसके बाद हंगामा कर रहे आठ लोगों को पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अन्य आरोपों में हिरासत में लिया है. लगभग रात 12:00 बजे एनएच 33 का जाम हटा दिया गया. जाम के दौरान एनएच पर दोनों तरफ लगभग पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई थी. जाम खुलने के बाद जाम में फंसे वाहन अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुए. गौरतलब है कि मृतक के परिजन नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. पुलिस अधिकारी परिजनों को समझा रहे थे कि जिस ट्रक से दुर्घटना हुई है उसे जब्त कर लिया गया है. लेकिन धरने पर बैठे लोग ट्रक मालिक को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे. जाम हटाने के बाद अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. घटनास्थल पर खड़ी मृतक की पल्सर गाड़ी भी पुलिस थाने ले गई है. अब जिसके परिजन की मौत हुई है, उनके ही लोग अब केस झेल रहे है.







