
जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा कोरोना वायरस को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किये है. इसके तहत कोरोना वायरस को देखते हुए कई सारे सख्त कदम उठाये गये है. इसके तहत एक जून से नया कानून लागू कर दिया गया है. कंपनी में अगर सारे कर्मचारियों को अगर बुलाया जायेगा तो इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दिया गया है. इसके तहत कंपनी ने फेस मास्क के बगैर कंपनी नहीं आने की हिदायत दे दी है. आने जाने और कंपनी के भीतर रहने के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों को मास्क पहनना होगा. कंपनी परिसर में दोपहिया वाहन में एक व्यक्ति को ही आने का इजात होगा जबकि चारपहिया वाहन में सिर्फ दो व्यक्ति को ही आने का इजाजत होगा. चार पहिया वाहन में आगे ड्राइवर सीट पर कोई व्यक्ति होगा तो पीछे वाली सीट में दूसरी ओर कोई बैठ सकता है. दो से ज्यादा की कंपनी में इजाजत नहीं होगी. पैदल चलने वालों के लिए सोशल डिस्टेंस कंपनी के इंट्री और बाहर निकलने के गेट पर रखना होता है जबकि कैंटीन में भी सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखते हुए ही काम करने को कहा गया है. अगर कहीं पर एक दूसरे के नजदीक रहकर काम कर सकते है तो कंपनी की ओर से कर्मचारियों को फेस शील्ड और ग्लब्स उपलब्ध कराया जायेगा. कंपनी के भीतर कहीं भी थूकना पर कार्रवाई होगी. इसके अलावा सबको ट्रैवल हिस्ट्री बताना होगा. इसके तहत जो भी कोरोना वायरस के लिए तय नियमों का पालन नहीं करेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई का पैमाना भी तय किया गया है. इन सारे मामले को लेकर की गयी कार्रवाई को लेकर अगर कोई विवाद होता है तो उसका निबटारा एपेक्स रेल, रोड सेफ्टी कमेटी द्वारा किया जायेगा, जिसका चेयरमैन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट सुधांशु पाठक है और वाइस चेयरमैन टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज है. यूनियन की ओर से अकेले नितेश राज इस कमेटी में है.
कार्रवाई कैसा होगा :
पहली गलती करने पर-काशन लेटर और डिपार्टमेंट के हेड या चीफ उनको समझायेंगे
दूसरी गलती करने पर-वार्निंग लेटर के साथ दो घंटे तक गलती करने वाले कर्मचारी को अपने आठ घंटे ड्यूटी के बाद दो घंटे तक लोगों को जागरूक करना होगा. यह काम उनको एक दिन के लिए करना होगा.
तीसरी गलती करने पर-एक दिन का सस्पेंशन होगा और फिर काम के आठ घंटे के बाद दो घंटे तक कर्मचारी को कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करना होगा. अगर कोई कर्मचारी तीसरी गलती करता है और आने वाले एक साल तक कोई गलती नहीं करता है तो उसका सस्पेंशन वापस हो जायेगा. यह काम उनको 6 दिनों तक करना होगा
चौथी गलती होने पर-दो दिनों का सस्पेंशन होगा. कर्मचारी को आठ घंटे काम करने के बाद के दो घंटे तक 10 दिनों तक लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करना होगा
पांचवीं या उससे ज्यादा गलती एक साल में होता है तो-तीन दिन का सस्पेंशन के साथ 15 दिनों तक उक्त कर्मचारी को कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा. आठ घंटे की ड्यूटी करने के बाद दो घंटे तक यह जागरूकता करना होगा.






