
Chakuliya : कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने Lockdown की घोषणा की है लॉकडाउन होने से रोजाना मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले परिवारों के समक्ष भुखमरी (starvation) की स्थिति उत्पन्न होने लगी है. चाकुलिया प्रखंड के सोनाहातु गांव के 12 Sabar परिवार के समक्ष इन दिनों भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. टोला के गुरुचरण सबर, गोबिंद सबर, त्रिलोचन सबर, रमेश सबर, गोकुल सबर, गुरूचरण सबर, सनातन सबर ने कहा कि Lockdown के पूर्व ही उनके बीच अप्रैल और मई माह का चावल वितरण किया गया था. घर में चावल अब समाप्त होने पर है. उन्होंने कहा कि Lockdown में उन्हें काम भी नहीं मिल रहा है. कुछ सबर परिवार के सदस्य गांव के किसानों के खेत में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. अन्य सभी सबर बेरोजगार घर पर बैठे हैं. सबरों को मजदूरी भी नहीं मिल रही है कि वे मेहनत-मजदूरी कर दो पैसे कमा कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें. सबरों ने कहा कि टोला के सभी परिवार के पास कुछ ही चावल रह गया है. चावल समाप्त होने पर परिवार का कैसे पेट भर पायेंगे यह चिंता उन्हें सताने लगी है. कहा कि Lockdown के कारण बाजार भी बंद है. जिस कारण वे जंगल से लकड़ी काटकर बाजार में बेच भी नहीं सकते हैं. ऐसे मे उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न होने लगी है और सभी सबर परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. सबरों की समस्या की जब सीओ सह प्रभारी एमओ अरविंद ओझा को जानकारी दी गई, तो सीओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल Sabar परिवारों के बीच जून माह के चावल और प्रत्येक कार्डधारक के बीच एक-एक किलो चना दाल का वितरण कराया. सबर परिवार चावल पाकर खुश नजर आये.







