
जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आयी है, जहां मां बाप ने अपने ही चार साल की बेटी की हत्या कर दी और शव को दफना दिया. पुलिस के सामने यह मामला तब सामने आया जब बेटी को पड़ोसियों ने गायब पाया. पड़ोसियों ने ही पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आयी और परसुडीह पुलिस ने माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है. पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गालूडीह स्टेशन के पास से शव को बरामद कर लिया है. इस मामले में पुलिस की पूरी टीम जांच में लगी हुई है. यह घटना परसुडीह थाना क्षेत्र का है, जहां के रहने वाले उत्तम मैती और पत्नी अंजना महतो दैनिक मजदूरी कर परिवार चलाते है. बताया जाता है कि उनकी 6 साल की बड़ी बेटी अपने मामा के घर में रहती है जबकि छोटी बेटी जो चार साल की है, वह उनके साथ रहती थी. बताया जाता है कि बच्ची पढ़ाई में कमजोर थी और पढ़ना नहीं चाहती थी. 29 जून को बच्ची को पिता ने पढ़ने के लिए बैठने को कहा, लेकिन बच्ची नहीं बैठी तो पिता ने मां के सामने ही बेरहमी से पिटाई कर दी. पिटाई करने से बच्ची की हालत खराब हो गयी. दोनों माता-पिता उसको लेकर परसुडीह स्थित सदर अस्पताल गये, लेकिन चूंकि, उन लोगों ने बच्ची के साथ मारपीट की थी, इस कारण वे लोग डर से अस्पताल में नहीं घुसे. इस बीच बच्ची की रास्ते में ही मौत हो गयी. इसके बाद वे लोग बच्ची को लेकर सालगाझुड़ी फाटक पहुंचे. बच्ची को इलाज कराने के नाम पर वे लोग सालझागुड़ी स्टेशन से एक ट्रेन में बैठे और गालूडीह स्टेशन पर उतर गये. वहां से उतरकर वे लोग कुछ दूरी पर स्थित जंगल जैसा सुनसान इलाके में जाकर बच्ची के शव को दफना दिया. इस बीच पांच दिनों से बच्ची नहीं दिख रही थी तो पड़ोसियों को शंका हुआ. बच्ची की मौत के बाद जो क्रियाकर्म घर में होता है, वैसा दोनों दंपति कर रहे थे. तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. बच्ची की मौत के मामले में तत्काल परसुडीह थाना के असिस्टेंट पुलिस सब इंस्पेक्टर संतोष लाल टुडू के बयान पर पति-पत्नी के खिलाफ एफआइआर दायर किया, जहां से जांच शुरू की गयी. इन दोनों दंपति ने स्वीकार कर लिया है कि उन लोगों ने ही बच्ची को मौत के घाट उतारा है और पुलिस को शव की रिकवरी कराने के लिए गालूडीह स्टेशन भी पहुंच चुके है.







