जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका बोड़ाम थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2015 को हुई लक्खी किन्नर हत्याकांड में एडीजे-वन कुमार दिनेश की अदालत ने आरोपी प्रेमी उत्तम साहू को गुरुवार को दोषी करार दिया है. मामले में सजा के बिंदू पर 20 जुलाई को सुनवाई होगी. मामले में 13 लोगों की गवाही कोर्ट में हुई है. भालुबासा का रहने वाला कृष्णाकार मुखी उर्फ लक्खी 26 अप्रैल की रात के 11 बजे से घर से लापता था. इसके पहले रात को उसके मोबाइल पर प्रेमी उत्तम का फोन आया था. फोन आने के बाद उसने पिता सुचित्रो मुखी को बताया कि उत्तम का फोन आया था. अभी जाना होगा. इसके बाद वह घर से निकल गया. 27 जून को भी जब लक्खी घर पर नहीं लौटा तब परिवार के लोग परेशान होकर उसकी खोज-बीन करने लगे. इसके बाद घटना की शिकायत सीतारामडेरा थाना में 27 अप्रैल को लक्खी की पिता सुचित्रो मुखी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी. 30 अप्रैल को परिवार के लोगों को पता चला कि बोड़ाम अलकता फैक्ट्री के पास से एक शव बरामद हुआ है जो लक्खी का हो सकता हैं. इसके बाद परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस में जाकर शव की पहचान की थी. 29 अप्रैल को लक्खी का शव डिमना पटमदा मोड़ के पास 35 फीट खाई से बरामद किया गया था. घटना के दिन एएसआइ राम जगन पासवान ड्यूटी पर थे. उन्होंने जानकारी मिली थी कि कोई शव खाई में पड़ा हुआ है. इसके बाद शव को बाहर निकाला गया था. शव पर जगह-जगह पर चाकू से हमला किए जाने से उनकी शरीर पर जख्म के निशान थे. पुलिस ने जांच में पाया था कि साक्ष्य को छिपाने के लिये उततम साहु ने शव को खाई में फेंक दिया था.






