जमशेदपुर के साइबर क्राइम के एक मामले में विशेष न्यायालय साइबर के एडीजे -2 आभाष वर्मा की अदालत ने बुधवार को मामले के छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. जिनमें दिलप्रीत सिंह, जगजीत सिंह गिल, ऋषभ भारती, विकास कुमार तिवारी, कुलजीत सिंह और सविंदर सिंह हैं. मामले में छह लोगों की गवाही हुई थी. सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बागुनगर बारीडीह के रहने वाले द्वारिका विश्वास ने बिष्टुपुर साइबर थाने में 4 नवंबर 2020 को अपने दोस्त कुलजीत सिंह एवं अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था. जिसमें कहा गया था कि 26 अगस्त 2020 को उसने दोस्त कुलजीत के कहने पर बारीडीह एसबीआई शाखा में खाता खोला था. खाते से कुलजीत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करता था. 27 अक्तूबर 2020 को जब वह खाता को अपडेट करने के लिये गया तब पता चला कि उसमें काफी रुपये हैं. तब वह डर गया और इसकी शिकायत लेकर थाना पहुंचा था. पुलिस ने मामला दर्ज कर इन आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पोटका में दुष्कर्म के आरोप से एक बरी
नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में सुनवाई कर रहे एडीजे- वन कुमार दिनेश की अदालत ने बुधवार को आरोपी लाल चंद सी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। घटना 2 अप्रैल 2020 की रात 11 बजे की हैं। इस संबंध में पीड़िता के बयान पर पोटका थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले मेंछह लोगों की गवाही हुई थी। पीड़िता ने पुलिस को बताई थी कि घटना की रात वे दो बहने एक कमरे में सो रही थी। रात्रि में लघूशंका के लिए कमरे से निकली थी। तभी आरोपी कमरे में घूस आया और दरवाजा बंद कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शोर मचाने पर माता- पिता जग गये। दरवाजा खोलते ही लाल चंद भाग गये। पीड़िता ने पूछताछ में बताई की होली के समय भी लाल चंद ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था।







