
रांची : झारखंड विधानसभा के नये भवन में शुक्रवार से बजट सत्र की शुरुआत हुई. नये भवन में पहला बजट सत्र होने के कारण इसका बकायदा बजट सत्र का शिलान्यास पट्ट लगाकर शुरुआत की गयी. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम समेत अन्य लोग मौजूद थे. बजट सत्र के पहले ही दिन भाजपा के विधायकों ने हंगामा शुरु कर दिया. विधानसभा में विपक्ष का नेता के तौर पर बाबूलाल मरांडी को नहीं माने जाने पर भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान विधायकों ने वेल में उतरकर हंगामा शुरू कर दिया और सदन के खिलाफ ही नारेबाजी करने लगे.

इस दौरान प्रदीप यादव और बंधु तिर्की भी साथ-साथ नजर आये. इस दौरान सबसे पहले सदन के पहले दिन 1216.94 करोड़ रुपुये का अनुपूरक बजट को पेश किया गया. लेकिन भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे. इसके बाद सदन की कार्रवाई को स्थगित किया गया. इसके बाद सुबह ग्यारह बजे के बाद फिर से सदन की कार्यवाही शुरू की गयी, लेकिन बाबूलाल मरांडी को फिर से विपक्ष का नेता बनाये जाने की मांग भाजपा के विधायक करने लगे. इसके बाद विधानसभा के अध्यक्ष ने बताया कि अभी सारे पहलुओं को देखने के बाद ही किसी तरह का फैसला लिया जा सकेगा. ऐसे में अभी हड़बड़ी में किसी तरह का कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है. हेमंत सोरेन की सरकार की ओर से आलमगीर आलम 3 मार्च को विधानसभा में बजट पेश करेंगे. वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के छुट्टी पर होने के कारण वए बजट पेश नहीं करेंगे. यह बजट सत्र काफी लंबा है. कुल 18 दिन सदन की कार्यवाही चलेगी, जिसमें विपक्ष की भूमिका में भाजपा तो है, लेकिन कोई विपक्ष का नेता नहीं होगा.

बाबूलाल को लेकर तकनीकी तौर पर अड़चन, पूर्व मंत्री सरयू ने कहा-विलय कती प्रक्रिया गलत
बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता बनाये जाने पर तकनीकी तौर पर अड़चन उत्पन्न हो गयी है. भाजपा में झाविमो के विलय पर ही सवाल उठाये गये है जबकि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की चूंकि बरखास्त हो चुके है, इस कारण वे लोग तटस्थ रहकर भी सदन में रह सकेंगे. लेकिन इसको लेकर कई सारी तकनीकी अड़चनें है. इस बारे में पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी ने भाजपा में जाकर ज्यादा हड़बड़ी दिखा दी है. इसको लेकर उनको अभी और रायशुमारी करनी चाहिए थी और तकनीकी अड़चनों को दूर करने के बाद ही किसी तरह का फैसला लिया जाना चाहिए था.






