
जमशेपुर : स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निर्देश के बाद कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल को सुधारने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इधर आज एनएचएम की 2 सदस्यीय टीम एमजीएम अस्पताल पहुंची. जहां टीम के सदस्यों ने पूरे अस्पताल का मुआयना किया. इस संबंध में जांच टीम के अधिकारी डॉक्टर प्रदीप बारा ने बताया कि अस्पताल की की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है. वायरिंग से लेकर भवन तक जर्जर अवस्था में है, जिसे जल्द से जल्द दुरुस्त किए जाने की आवश्यकता है. वहीं अस्पताल में मौजूद गार्ड रूम और बर्निंग वार्ड तक पहुंचने में हो रहे परेशानियों को उन्होंने अपनी आंखों से देखा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपनी रिपोर्ट में इन समस्याओं का जिक्र प्रमुखता से करेंगे. वहीं अस्पताल के नए बिल्डिंग के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था बताया और कहा इससे उनका कोई लेना-देना नहीं. हालांकि एमजीएम अस्पताल के सुधार की प्रक्रिया जारी है.

इधर कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल के सफाई कर्मियों एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है. वैसे इस बार इन्होंने अस्पताल में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोला है. इनका कहना है कि 1 साल पहले इस अस्पताल में सवा सौ की संख्या में सफाई कर्मी हुआ करते थे, लेकिन सरकारी अधिकारियों की बेरुखी के कारण 600 बेड वाले इस अस्पताल में महज 40 की संख्या में सफाई कर्मी रह गए हैं. जो दिन रात अस्पताल में अपनी सेवा दे रहे हैं. इन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई कर्मी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं और असमय काल कवलित भी हो रहे हैं, मगर सरकार इस अस्पताल में दिन प्रतिदिन सफाई कर्मियों की संख्या में कटौती कर करती जा रही है. इन्होंने अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए सफाई कर्मियों को बहाल किए जाने की मांग की है.







