
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया है कि झारखंड की पूर्ववर्ती रघुवर दास की सरकार ने उनकी जासूसी करायी है. उन्होंने इस मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है और पूरे मामले की जांच एसआइटी से कराने की भी मांग की है. सरयू राय ने एक टीवी चैनल को दिये गये इंटरव्यू में भी यह साफ तौर पर कहा है कि उनकी जासूसी कई बार करायी गयी है. कई अन्य अधिकारियों की भी जासूसी करायी जाने की जानकारी दी गयी है. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि झारखंड सरकार के आरक्षी महानिरीक्षक (डीजीपी) को विगत 1 मई 2020 को पत्र के माध्यम से कतिपय गंभीर सूचनायें उन्होंने (सरयू राय ने) भेजी थी और इनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया था ताकि इस कारण मलिन हुआ पुलिस मुख्यालय का चेहरा साफ हो सके. उन्होंने बताया है कि वे इस पत्र को वे आवश्यक कार्रवाई के लिए और उसकी जांच कराने के लिए भेज रहे है. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि इस बारे में सरकार के पुलिस महकमा ने अब तक पर्याप्त सूचना संग्रह कर लिया होगा. श्री राय ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक एसआइटी का गठन करें. सरकार में शीर्ष पद पर आसीन व्यक्ति अथवा व्यक्ति समूह के निर्देश के बिना ऐसे कुकृत्य को अंजाम देने की हिम्मत किसी वरीय पुलिस पदाधिकारी की नहीं होगी. इस प्रकार यह मामला केवल विशेष शाखा के किसी मनबढू अधिकारी तक ही सीमित नहीं रहेगा. तत्कालीन डीजीपी, गृह सचिव, भवन निर्माण विभाग के सचिव और गृह विभाग और भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मंत्री को भी इसकी जानकारी अवश्य होगी. श्री राय ने कहा है कि अगर इन उच्च पदाधिकारियों की जानकारी के बिना ऐसा हुआ होगा तो यह शीर्ष स्तर पर पुलिस महकमा की अराजकता का चिंताजनक उदाहरण है. श्री राय ने कहा है कि ऐसी विकृत और विद्रुप कार्य संस्कृति को बदलना और इसके लिये जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित करना राज्यहित और जनहित में जरूरी है. गौरतलब है कि झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री के रुप में सरयू राय को मंत्रीमंडल में जगह दी गयी थी, लेकिन कई मसलों पर रघुवर दास की योजनाओं या उनकी नीतियों से सरयू राय का टकराव होता रहा था. इसको लेकर सरयू राय पहले भी यह कहते रहे है कि उनकी जासूसी करायी गयी थी, जिसको लेकर तत्कालीन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. इसके बाद समय बदला और राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव हराकर सरयू राय ने जीत दर्ज कर ली है. अब इस मामले में वे कार्रवाई की मांग कर रहे है, जिसको लेकर झारखंड सरकार भी दबाव में आ गयी है.






