
जमशेदपुर: भाजपा कार्यालय में विधायकों की बैठक 17 जून को होगी. इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश करेंगे. इस दौरान विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर आदि मौजूद रहेंगे. बैठक में 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा और आगे की रणनीति तय होगी. पूरे देश में राज्यसभा चुनाव 19 जून को होना है. झारखंड में इस साल राज्यसभा की दो सीटें खाली हो चुकी है. इन दो सीटें के लिए झारखंड में 19 जून को मतदान होगा. इसके लिए सभी विधायकों को कोविड- 19 के नियमों को पालन करते हुए मतदान करना होगा. दूसरी ओर 16 जून मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आजसू प्रमुख सुदेश महतो के आवास पर पहुंचे और राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों नेताओं ने चर्चा की. इसके बाद राज्यसभा चुनाव का माहौल गरमा गया है.

इस दोनों नेताओं की भेंट को अलग-अलग कयास भी लगाए जा रहे है. कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने भी सभी विधायकों के साथ बैठक मंथन कर रहे है. संभावना है कि झामुमो समेत पूरे यूपीए का एक घटक दल है और सत्ता का चाबी झामुमो के पास है इसलिए कांग्रेस ने ही सीएम को कहा होगा कि आप ही सुदेश महतो से बातचीत कर मामले को सुलझाए. दोनों की भेंट को राज्यसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है. दोनों के बीच क्या बातचीत हुई इसका खुलासा नही हो सका. हालांकि राज्यसभा चुनाव में झामुमो और भाजपा के उम्मीदवारों की जीत तय है. फिर भी जब तक रिजल्ट नही आ जाता तब तक तो असमंजस की स्थिति बनी रहेगी. राज्यसभा के लिए दो सीटें है और उम्मीदवार तीन है, जिसके कारण वोटिंग की स्थिति बनी है नहीं तो राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होता जैसा की कनार्टक में हुआ. जब-जब झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होती है तो खरीद- फरोख्त की स्थिति उत्पन हो जाती है. राजनीति में कहा भी जाता है कि जो जीता वहीं सिकंदर. अंक गणित की बात की जाये तो भाजपा के पास अभी 25 विधायक है, अब बाबूलाल मरांडी को भाजपा का विधायक मान लिया गया है तो इनकी संख्या बढ़कर 26 हो गयी है. इसके अलावा आजसू के लंबोदर महतो और निर्दलीय विधायक अमित यादव भाजपा उम्मीदवार दीपक प्रकाश के प्रस्तावक भी है. ऐसी स्थिति में इन दोनों का हर हाल में भाजपा को वोट मिलेगा. निर्दलीय विधायक सरयू राय ने भाजपा उम्मीदवार दीपक प्रकाश को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. सभी परिस्थितियां भाजपा उम्मीदवार दीपक प्रकाश के समर्थन में बन रही है. अंकगणित के लिहाजे से देखा जाये तो भाजपा के दीपक प्रकाश को 29 (अगर सुदेश महतो देते है या सरयू राय) या 30 (अगर सुदेश महतो देते है या सरयू राय दोनों भाजपा को वोट देते है तो) वोट मिलने के आसार बन रहे है. जबकि झामुमो के उम्मीदवार शिबू सोरेन को झामुमो का पूरा वोट मिलता है तो 29 होगा. ऐसी परिस्थिति मे भाजपा और झामुमो के उम्मीदवार की ही जीत सुनिश्चित है. कांग्रेस के शहजादा आलम को 20 वोट से ज्यादा नहीं मिलेगा. विदित हो कि पिछले दस साल में राज्यसभा का कोई ऐसा चुनाव नहीं रहा, जो विवादों में नही फंसा. इस मामले में कई पूर्व विधायक जांच के दायरे में है. इस तरह के मामले में शुरु में तेजी से जांच प्रक्रिया तेजी से बढ़ी और बाद में धीरे धीरे ठंडे बस्ती में चली गयी. राज्यसभा 2010 में पांच विधायक वोट के बदले पैसे तक मांगते हुए कैंमरे में कैद हुए थे. 2012 में विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोप के बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया था. राज्यसभा 2016 में पूर्व मुख्यमत्री बाबूलाल मरांडीने वोट मैनेज करने को लेकर एक सीडी जारी किया था. जिसमें मतदान के एक दिन पूर्व मुख्यमंत्री पूर्व मत्री योगेंद्र साव के घर पहुंचे थे, जिसमें योगेंद्र साव पर पत्नी निर्मला देवी को वोट दिलाने का दबाव था.






