
रांची : झारखंड के सोरेन परिवार में एक नया मोड़ आ गया है. झारखंड आंदोलनकारी शिबू सोरेन के बड़े बेटे स्वर्गीय दुर्गा सोरेन और उनकी विधायक पत्नी सीता सोरेन की बेटी जयश्री सोरेन और राजश्री सोरेन ने महादशमी के दिन अपने पिता दुर्गा सोरे के नाम पर दुर्गा सोरेन सेना का गठन कर दिया. बेटियों ने अपनी मां सीता सोरेन के रांची के धुर्वा स्थित अपने आवास पर इस सेना के गठन की घोषणा अधिकारिक तौर पर कर दी. हालांकि, इस मौके पर दोनों बेटियां ही एक साथ थी, उनकी मां यानी विधायक सीता सोरेन नहीं थी, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी है और गुरुजी शिबू सोरेन की बड़ी बहु है. दुर्गा सोरेन सेना के गठन के मौके पर राजश्री सोरेन ने कहा कि संगठन से उनके दादा काफी खुश है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

चूंकि शिबू सोरेन अस्वस्थ्य है, इस कारण वे इसमें शामिल नहीं हो पाये. लेकिन उनका आर्शीवाद जरूर मिला है. उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नहीं है बल्कि सामाजिक संगठन है. जयश्री सोरेन ने कहा कि वे लोग अपने पिता के सपनों के लिए कुछ करना चाहती है, जिस कारण दुर्गा सोरेन सेना संगठन बनाया है. दोनों भतीजी ने अपने चाचा हेमंत सोरेन के कार्यों की तारीफ की और कहा कि सरकार अपना बेस्ट दे रही है. वहीं, उन्होंने कहा कि वे राज्य की समस्याओं का निराकरण करने में लगे हुए है. चूंकि, मुद्दे खत्म नहीं होते है, इस कारण वे लोग अलग मंच से ऐसे कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे. झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन की दोनों पोतियों का कहना है कि दुर्गा सोरेन सेना एक गैर राजनीतिक संगठन है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

यह संगठन आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों के विकास और उनके शैक्षणिक विकास के साथ ही रोजगार की व्यवस्था करने का काम करेगा. भय, भूख, भ्रष्टाचार के साथ जमीन की लूट और विस्थापन जैसे मामले पर भी लड़ाई लड़ेंगे. इस मौके पर उनके साथ दुर्गा सोरेन के पुराने मित्र राकेश पासवारन, छोटेलाल महतो, लाल बिहारी महतो, जीतेंद्र सिंह पवार, राकेश मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे. इसको लेकर राजनीति सरगर्मी जरूर तेज हो चुकी है कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि गुरुजी शिबू सोरेन के पोतियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भतीजी को नयी सेना क्यों बनाना पड़ा. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

वैसे भी पिछले दिनों सितंबर माह में जब दुर्गा सोरेन की जयंती मनायी गयी थी, तब सीता सोरेन अकेले उनके पति स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को श्रद्धांजलि दी थी जबकि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गुरुजी शिबू सोरेन एक साथ लावाडीह में स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को श्रद्धांजलि दी थी. यह भी एक चर्चा का विषय है. वैसे सीता सोरेन के साथ अनबन की खबरें पहले भी आती रही है, जिस कारण वर्तमान में दुर्गा सोरेन सेना का गठन होना चर्चा का विषय बना हुआ है.




