
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने केंद्रीय आम बजट को देश के विकास का द्योतक बताया है. अपने जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित आवास में संवाददाता सम्मेलन जमशेदपुर महानगर भाजपा अध्यक्ष गुंजन यादव के साथ आयोजित कर अर्जुन मुंडा ने वित्तीय वर्ष 2022-2023 के केंद्रीय आम बजट की तारीफ की और उसकी बारीकियों को मीडिया के समक्ष रखा. उन्होंने झारखंड के परिदृश्य में जानकारी दी कि झारखंड को कर हस्तांतरण यानी टैक्स डिवोल्यूशन के मद में 27006.59 करोड़ रुपये दी गयी है. सेंट्रल टैक्स और ड्यूटी के बदले यह राशि राज्यों को दी जाती है. पिछले वित्तीय वर्ष में 22010.16 करोड़ रुपये दी गयी थी, जिसमें 4996.43 करोड़ रुपये अधिक दी गयी है. इसके अलावा वित्त आयोग अनुदान के तहत झारखंड को 2972 करोड़ रुपये दी गयी है, जो पिछले साल के 2878 करोड़ रुपये से काफी अधिक है. झारखंड को जल संसाधन और नदी विकास और गंगा विकास के मत में कुल 187.43 करोड़ रुपये दिया गया है. इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान के मद में झारखंड को 1095.97 करोड़ रुपये दी गयी है. नेशनल हेल्थ मिशन के मद में 975.60 करोड़ रुपये की राशि दी गयी है जबकि ओपन मार्केटिंग बोरोइंग के मद में 12398 करोड़ रुपये की राशि दी जायेगी. बिजली के सेक्टर के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1771 करोड़ रुपये की राशि झारखंड को दी गयी है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को इस पैसे का सदुपयोग कर राज्य का समग्र विकास पर काम किया जाना चाहिए.
जनजातीय कार्य मंत्रालय को दी गयी है 8451.92 करोड़ रुपये का आवंटन
केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने संवाददाता सम्मेलन में खुद के विभाग को दिये गये आवंटन पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के बदले 12.32 फीसदी का आवंटन ज्यादा किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में 8451.92 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. मंत्रिमंडल ने 16वें वित्त आयोग चक्रव के लिए जनजातीय विकास के लिए 58399 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय को मंजूरी दी है. वित्तीय वर्ष 2022-2023 में अनुसूचित जनजाति कंपोनेंट में 87584 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
अर्जुन मुंडा ने गिनायी बजट की खूबियां
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय आम बजट पर प्रकाश डाला. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में सूक्ष्म आर्थिक स्तर पर सभी समेकित कल्याण पर ध्यान देने के साथ वृहद आर्थिक स्तर वृद्धि पर जोर देने की कल्पना की गई है. ज्यादा गवर्नेंस और कम गवर्नमेंट पर फोकस किया गया है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत अनुमानित है, जो सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है. 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 60 लाख नए रोजगार का सृजन होगा. पीएलआई योजना में 30 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है. अगले 25 साल भारत@100 के अमृत काल में प्रवेश करते हुए बजट में 4 प्राथमिकताओं में विकास पर जोर दिया गया है. पीएम गतिशक्ति-15 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ बजट का अनुमानित आवंटन किया गया है. समेकित विकास, उत्पाद संवर्धन एवं निवेश, सनराइज अवसर, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्य, निवेश को वित्तीय मदद, कृषि वानिकी अपनाने वाले अनुसूचित जाति और जनजातियों से संबंधित किसानों को वित्तीय सहायता पर प्रकाश डाला गया है.



