
जमशेदपुर : सिख समाज की बैठक झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष सरदार गुरुचरण सिंह बिल्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम साकची स्थित कार्यालय में संपन्न हुई. इस बैठक में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे एवं उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह अंबा की बर्खास्तगी का फैसला देने के लिए ज्ञानी रंजीत सिंह की सराहना की गई. इस बैठक में ही सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्य तथा सभी गुरुद्वारा कमेटियों के प्रधान महासचिव से आग्रह किया गया कि वे पंद्रह दिनों के भीतर आमसभा बुलाकर अपना नया अध्यक्ष चुनने की कार्रवाई पूरी करें और अपने संविधान का पालन करें. सभी मेंबर से अपील भी की गई कि वे पंथ एवं सिख समाज के हित में इस कदम के लिए दबाव बनाएं और किसी के बहकावे में नहीं आए. गुरमुख सिंह एवं अमरजीत सिंह पर प्रथम दृष्टया हत्या की कोशिश का आरोप लगभग पुलिस ने साबित किया है और ऐसे में गुरमुख सिंह की बर्खास्तगी सही कदम है और ऐसे में कमेटी का कोई संवैधानिक अस्तित्व नहीं रह जाता है और कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा अपनी मनमर्जी से तथाकथित कार्यवाहक अध्यक्ष चुनना भी गलत है. बैठक में यह तय हुआ कि लिखित रूप से सेंट्रल कमेटी को अनुरोध किया जाए कि वह पंद्रह दिन के भीतर आम सभा बुलाकर नया अध्यक्ष चुनने की कार्रवाई पूरी करें. यह भी तय हुआ कि लिखित रूप से इसकी जानकारी जिला के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं अनुमंडल पदाधिकारी को दी जाए. वहीं यह भी तय हुआ कि प्रशासनिक पदाधिकारियों को तखत श्री हरिमंदिर साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रंजीत सिंह के निर्णय से भी अवगत कराया जाए. सरदार अमरजीत सिंह ने इसका संचालन किया तथा इसे तखत श्री हरिमंदिर प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह पूर्व अध्यक्ष हरनेक सिंह, हर मिंदर सिंह मिंदी, कुलविंदर सिंह पन्नू, शमशेर सिंह सोनी, सुरजीत सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर, बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह गिल, मनजीत सिंह ने अपने विचार रखे. दीदार सिंह, गुरदयाल सिंह, दलविंदर सिंह, परमजीत सिंह पम्मी, त्रिलोचन सिंह, गुरुचरण सिंह, सुरेन्द्र सिंह खोखर, गुरमीत सिंह, सुखपाल सिंह, जसपाल सिंह आदि उपस्थित थे.








