
जमशेदपुर : कोरोना वायरस के खतरे के चलते 27 मार्च को होने वाली बैंकों की हड़ताल भी स्थगित कर दी गई है। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन ने मर्जर के विरोध में हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल के लिए बैंक कर्मचारी संगठन जोर शोर से तैयारियां भी कर रहे थे। इसी बीच कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए भीड़ कम करने के प्रयास शुरू हो गए। इसको देखते हुए ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन ने हड़ताल स्थगित करने का फैसला किया है। ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रो के बैंको का आपस में विलय कर 4 बैंक बनाने की घोषणा की थी और उसकी प्रक्रिया समाप्त कर 1 अप्रैल,2020 से 10 की जगह 4 बैंको को कार्य करने का आदेश दिया जाना था । जो चार बैंक अस्तित्व में रह जाएंगे वे हैं- पंजाब नेशनल बैंक,इंडियन बैंक,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक। ज्ञात हो कि बैंकों के विलय के निर्णय के खिलाफ “ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन” और “बैंक इंप्लाईज फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया” ने 22 अक्टूबर, 2019 को एक दिवसीय हड़ताल की थी। पुनः “ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन ” एवं “ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन” ने 27 मार्च को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा भी की थी लेकिन अब कर्मचारियों का कहना है कि विलय के खिलाफ हड़ताल कोरोना के जाने के बाद ही होगा। क्योंकि इस समय पूरे देश को कोरोना वायरस से लड़ने की जरूरत है। कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसीलिए हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया गया है। हड़ताल के संबंध में होने वाले अन्य सभी कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए हैं। इसी बीच “ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन” के महासचिव कॉम सी एच वेंकटचलम ने “इंडियन बैंक एसोसिएशन” के मुख्य कार्यकारी को पत्र लिखकर “कोरोना वायरस” जैसे राष्ट्रीय आपदा से लडने के लिए बैंक कर्मचारीयों के लिव से 1 दिन काटकर , एक दिन का वेतन सहयोग राशि के रूप में योगदान का सुझाव दिया है।







