
जमशेदपुर/रांची : झारखंड में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की जांच चल रही है. वैसे अब तक एक भी पोजिटिव केस सामने नहीं आया है यानी किसी को कोरोना वायरस नहीं पाया गया है. 153 कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों की जांच पूरे झारखंड के सभी जिले में की गयी है. इस जांच में एक भी व्यक्ति में कोरोना वायरस नहीं पाया गया है. इसको लेकर मीडिया रिपोर्ट जारी की गयी है, जिसके तहत हर जिले में नेगेटिव ही रिपोर्ट आयी है, जो सुखद संकेत है.

जमशेदपुर में 11 संदिग्ध मरीज मिले, सभी रिपोर्ट निगेटिव
शनिवार को जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से कोरोना वायरस के 11 संदिग्ध मरीज मिले जिनके सैंपल की जांच एमजीएम मेडिकल कालेज के वायरोलाजी विभाग के लैब में हुई. सभी सैंपल की रिपोर्ट पाजिटिव नही पाए गए हैं. इस तरह से जमशेदपुर में शनिवार शाम तक कोरोना के संदिग्ध मरीजों की संख्या 77 पहुंच गई है. शुक्रवार शाम तक शहर में संदिग्ध मरीजों की संख्या 66 थी. वैसे जुगसलाई के छपरहिया मोहल्ला में एक मरीज को क्वारंटाइन में रखा गया है जबकि बागबेड़ा के बोरा पट्टी इलाके में एक लड़की को क्वारंटाइन किया गया है. उसको सांस लेने में दिक्कत थी और वह ओड़िशख़ से लौटी थी. सोनारी में सुबह में एक व्यक्ति की जांच की गयी है.
एमजीएम अस्पताल व सदर अस्पताल में 410 मरीजों का सर्दी व खांसी का हुआ इलाज
झारखंड सरकार के निर्देश पर एमजीएम अस्पताल व सदर अस्पताल में सर्दी व खांसी के लिए अलग से खुली ओपीडी में शनिवार को 410 मरीजों की जांच व इलाज किया गया. एमजीएम में 350 तथा सदर अस्पताल में 60 मरीज आए. इन मरीजों में से कई लोग ऐसे हैं जो संक्रमित राज्यों से आए हैं. इसकी जानकारी डाक्टरों को भी दी गई पर डाक्टरों ने उन्हें यह कहते हुए वापस कर दिया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है उनमें कोरोना नहीं है. शुक्रवार को भी इन अस्पतालों में करीब 300 मरीज आए थे जिन्हें डाक्टरों ने समझा बुझाकर वापस कर दिया था. एमजीएम व सदर अस्पताल में सर्दी-खांसी के मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी में तैनात डॉक्टरों ने बताया कि लोगों में दहशत होने के कारण सामान्य सर्दी व खांसी की परेशानी को भी कोरोना समझ रहे है. लेकिन वास्तव में वे कोरोना के मरीज ही नहीं बल्कि संदिग्ध भी नहीं है. हालांकि एहतियात के तौर पर इन मरीजों को सावधानी बरतने तथा कोरोना की लक्षण की जानकारी देते हुए. इसमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तत्काल अस्पताल आने को कहा गया है.
कोरोना वायरस को लेकर जमशेदपुर के उपायुक्त ने लगायी अधिकारियों को फटकार, अधिकारियों को भेजा पत्र
कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की जांच व पहचान करने में प्रखंड स्तर पर गठित सर्विलांस टीम द्वारा शिथिलता बरते जाने पर जमशेदपुर के डीसी रविशंकर शुक्ला ने नाराजगी जाहिर की है. सिविल सर्जन व जिला सर्विलांस पदाधिकारी को लिखे पत्र में कहा गया है कि यहां संक्रमण फैलत है तो इसके लिए आप जिम्मेवार हो सकते हैं. डीसी के इस नाराजगी के बाद सीएस ने शनिवार को टीम के सभी सदस्यों को स्पष्ट कर दिया कि इस मामले शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ अब सीधे कार्रवाई होगी इसलिए जिसे जो जिम्मेवारी दी गई है उसे पूरी निष्ठा व ईमानदारी से पालन करें. डीसी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 23 मार्च को ही जिले में कोरोना से बचाव व रोकथाम तथा संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करने के उद्देश्य से अक्षेस व प्रखंडावार सर्विलांस टीम का गठन किया गया है, लेकिन इस टीम द्वारा काम में शिथिलता बरती जा रही है. इसे तत्काल दुरुस्त किया जाए अन्यथा बाद में संक्रमण फैलने पर सारी जवाबदेही सीएस व सर्विलांस पदाधिकारी पर आ सकती है.
क्वारंटाइन लोग जमशेदपुर में घुम रहे है, खतरा बढ़ा रहे है
जमशेदपुर में करीब दस दिनों में मानगो, माईगुट्टू, सोनारी, कदमा, टेल्को में 100 से अधिक लोग मुंबई, दिल्ली समेत कोरोना से संक्रमित राज्यो से जमशेदपुर आए है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे 50 से अधिक युवाओं के हाथ पर स्टांप तो लगा दिया गया है पर वे खुलेआम घुम रहे हैं जिससे आसपास के लोग दहशत में हैं. इसकी सूचना स्थानीय लोग थाने को भी दिए है पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने से लोगों में दहशत है. मुंबई से आने वाले सात से ज्यादा लोग मुईगुट्टू के रहने वाले है. इन सभी की जांच के बाद विभाग द्वारा हाथ में स्टॉप लगा दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन लोगों को 14 दिनों तक अपने ही घर में रहने के लिए कहा गया है लेकिन वे लोग पूरी बस्ती में घुम रहे हैं. इससे वहां के लोगों को भय का माहौल है. बस्ती के लोगों ने शनिवार की सुबह सभी को अपने ही घर में रहने को कहा ताकि अन्य लोग सुरक्षित रह सकें, लेकिन युवकों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया. इसी तरह सोनारी मिथिला स्कूल के पास चार युवक मुंबई से आए हैं जो विभाग द्वारा हाथ में स्टांप लगाने के बावजूद पूरे सोनारी में घुम रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग संदिग्ध है उन्हें घरों में रखने के बजाय ऐसी जगह रखा जाए जो दूसरे के लिए खतरा नहीं बने.
जमशेदपुर में लैब टेक्निशियन को दी गयी ट्रेनिंग
जमशेदपुर में मिले रहे कोरोना के संदिग्ध की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से तैयारी की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन मिलकर सभी संभावित जगहों पर आइसोलेशन वार्ड खोला जा रहा है. वहीं जमशेदपुर के सभी लैब टेक्नीशियन को शनिवार को प्रशिक्षण दिया गया ताकि आपात स्थिति में अधिक से अधिक मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा सके. प्रशिक्षण शिविर में संदिग्धों से जांच के लिए नमूना कैसे लिया जाएगा इसकी जानकारी दी गई. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में जिले से कई लैब टेक्नीशियन भाग लिए. जिला सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ असद ने उपस्थित सभी लैब टेक्नीशियन को बताया कि नमूना लेने के दौरान अपने आप को कैसे सुरक्षित रखना है. इसके साथ ही नमूना कैसे लेना है, कैसे व कहां भेजना है ताकि उसकी जांच हो सकें. इसकी जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद ने बताया कि अभी जो भी लैब टेक्नीशियन कार्य कर रहे हैं. उसके अलावे अगर जरूरत हुई तो इन सभी को लगाया जाएगा. इसके लिए पहले से सभी को ट्रेनिंग देकर तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही उन लोगों के साथ डॉक्टरों को भी सुरक्षित किट के साथ मास्क सहित अन्य सुरक्षा का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो. इस दौरान मलेरिया विभाग के श्रवण कुमार, डी पीएम विनय कुमार सहित अन्य कई डॉक्टर, कर्मचारी व लैब टेक्नीशियन मौजूद थे.





