
जमशेदपुर : एक तरफ लॉकडाउन के कारण जहां पूरे विश्व के बाजारों में संकट के बाद गहराने का खतरा मंडराने लगा है, वहीं इस दौरान सोने के कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की जा रही है. जहां आज प्रति दस ग्राम सोना की कीमत करीब- करीब 50 हजार के आसपास है, वहीं इन सबके इतर लॉकडाउन के कारण सोने के गहने बनानेवाले कारीगरों का बुरा हाल है. आपको बता दें इस दौरान झारखण्ड में करीब 2 लाख और जमशेदपुर में 3 हजार सोने के कारीगर भुखमरी के कगार में आ गए हैं. जहां इन्हें कोई पूछने वाला नहीं एक रिपोर्ट…. पिछले 1 महीने से कोई काम ना होने के कारण ये कारीगर पाई- पाई के लिए तरस रहे हैं. वैसे भी जब से सोना के कारोबार में मल्टीनेशनल कंपनियां घुसी है इनका हाल बेहाल चल रहा था ऊपर से कोरोना ने कारीगरों को कहीं का नहीं छोड़ा. शादी- लगन के लिए समय इस बार नहीं के बराबर बची हुई है ऊपर से आने वाले समय में बारिश का मौसम उनका हाल बेहाल कर देगा. वहीं विश्वकर्मा संघ के अध्यक्ष का कहना है कि सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है, जबकि केंद्र सरकार ने उनके लिए कई योजना चला रखी है. दुर्भाग्य है कि इन तक कोई योजना नहीं पहुंच रही है. इस कारीगरी के धंधे में कोई कारीगर अपने बच्चों को आगे नहीं लाना चाह रहे हैं. ऐसे में यह कलाकृति खत्म होती दिख रही है.















