
राजन सिंह
गुड़ाबांदा : गुड़ाबांदा प्रखंड के चुआशोल गांव के पास मुख्य सड़क पर करोड़ों की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है. कार्य स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड संवेदक द्वारा नहीं लगाया गया है. इस कारण गांव के ग्रामीणों को योजना और प्राक्कलन की जानकारी नहीं है. लोगों ने बताया कि विभागीय लापरवाही और संवेदक की मनमानी के कारण पुल निर्माण पूर्ण होने के बावजूद भी सड़क से नही जोड़ा गया है. इस कारण ग्रामीण पुल का उपयोग अवागमन करने के लिए नहीं कर पा रहे हैं, ग्रामीण आज भी पुल के पास बने डायवर्षण से होकर आना-जाना कर रहे हैं. विभागीय उदासीनता के कारण करोड़ों की लागत से निर्मित पुल क्षेत्र के लोगों के लिए दर्शन की वस्तु बनकर रह गया है और ग्रामीण पुल का उपयोग अवागमन करने के बदले पुल का उपयोग महुआ सुखाने के लिए कर रहे हैं. लोगों ने कहा कि विभागीय लापरवाही और क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण गांव में करोड़ों की लागत से निर्मित पुल दर्शन की वस्तु बनकर रह गया है.

गुड़ाबांदा में है लॉक डाउन असरदार, सड़कों पर है सन्नाटा, ग्रामीण सड़क के दोनों और सुखा रहे हैं महुआ
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन से गुड़ाबांदा प्रखंड में सन्नाटा पसरा हुआ है. सड़कों पर वाहनों का परिचालन और बाजार बंद है. ग्रामीण अपने-अपने घरों में हैं. वाहनों का परिचालन बंद होने के कारण ग्रामीण पैदल चलकर ही अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं. सड़क पर सन्नाटा होने के कारण इन दिनों गुड़ाबांदा क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण वीरान पड़ी सड़कों का उपयोग महुआ सुखाने के लिए कर रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क खाली होने के कारण ग्रामीण जंगलों से चुने हुए महुआ को सड़क पर बिछाकर सुखा रहे हैं. सड़क पर महुआ जल्द ही सूख जाता है, जिस कारण वे सभी सड़क पर महुआ सुखा रहे हैं. लॉकडाउन होने के कारण कोई व्यापारी भी गांव में महुआ खरीदने के लिए नही आ रहा है, जिस कारण ग्रामीण महुआ घर पर ही रखे हुए हैं. वे महुआ नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उन्हें नुकसान भी हो रहा है.







