
चाकुलिया : कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की है. लॉक डाउन होने से रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन किए मजदूर किसी तरह अपने गांव वापस लौट रहे है. बीती रात चेन्नई से एक बस भाड़े पर लेकर चाकुलिया प्रखंड के नुआगां गांव के 17 मजदूर वापस लौटे हैं. बस मजदूरों को चाकुलिया टाउन से बाहर उतारकर वापस लौट गई. मजदूर माथे पर और अपने कंधे पर समान लिए चाकुलिया की ओर पैदल चल पड़े. कुछ लोगों द्वारा पूछताछ करने पर मजदूर कई भागों में बंटकर अपने गांव की ओर पैदल चल पड़े.
एक मजदूर ने बताया कि सभी चेन्नई में मजदूरी करने गये थे, लाक डाउन होने के कारण कंपनी बंद हो गई जिससे वे सभी बेरोजगार हो गये. कंपनी बंद होने से उन्हें वहां खाने पीने की समस्या होने लगी. कुछ दिन वे सभी वहां उधार लेकर गुजारा किया और घर से रुपये मंगवाकर दूकानों में हुई उधार चुकता कर वापस घर लौटे है. मजदूर ने कहा कि गांव आने के लिए 17 मजदूरों ने 4500 रुपये कर कुल 76,500 रुपये बस का किराया दिया है. कहा कि वे अब रोजगार के लिये बाहर नही जाएगें यहीं रहकर मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार का भरण-पोषण करेंगे.







