
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के एसिया के सबसे बड़े सारंडा जंगल में रह रहे लोगों को लाल पानी से छुटकारा दिलाने की दिशा में स्थानीय विधायक सोनाराम सिंकू ने कवायद शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर जगन्नाथपुर अनुमंडल मुख्यालय के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने लिए चापानलों की मरम्मत कराने व नये चापानल लगवाने को लेकर उपायुक्त को पत्र लिख कर मांग की गयी है। प्रथम चरण में प्राथमिकता के आधार पर पूरे जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र में 290 चापाकलों की मरम्मत कराने के लिए सूची उपायुक्त को सौंपी गई है। वहीं जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय के मोंगरा पंचायत में वर्षों से अधूरा पड़े मोंगरा जल मिनार जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिसे शीघ्र पूरा कराने के लिए विधायक सोनाराम सिंकु ने विधानसभा सत्र के दौरान अवाज उठायी। विधायक की पहल पर पीएचईडी मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर ने भी मोंगरा पहुंच कर योजना की जांच की और स्थानीय विधायक को आश्वस्त किया कि लॉकडाउन हो जाने के कारण योजना पूर्ण नहीं हो पायी, अन्यथा 15 अप्रैल को ही यह योजना ग्रामीण और शहरी लोगों की सुविधा के लिए शुरू करा दी जाती। लेकिन अब शीघ्र ही योजना को पूर्ण करा दिया जायेगा और ग्रामीण स्वच्छ पानी पी पायेंगे।
क्षेत्र में है पानी की समस्या, शीघ्र होगी दूर, लोगों को स्वच्छ पानी पिलाना ही प्राथमिकता : विधायक
जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोना राम सिंकू ने कहा की क्षेत्र में पानी की समस्या की शिकायत आये दिन सुनने को मिलती है। इसलिए हमारे द्वारा पहल की गई है और जिले के उपायुक्त अरवा राज कमल को जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांव में चिह्नित कर 290 चापाकलों की मरम्मत कराने के लिए सूची दे दी गई है। इन चापाकलों की मरम्मत के लिए स्वीकृति भी मिल चुकी है। दूसरी ओर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वच्छ पानी मिले इसके लिए विभाग के मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर से बातचीत कर क्षेत्र में अधूरे पड़े जलमिनार का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए भी पहल की गयी है, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। लॉक डाउन के कारण कार्य रुक गया था, लेकिन जल्द ही पाइप लाइन के सहारे गांव या शहरी सभी क्षेत्रों में स्वच्छ पानी मिलना शुरू हो जायेगा।







