
चाईबासा : विगत पांच वर्षों के दौरान पश्चिमी सिंहभूम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत एनपीसीसी द्वारा कराए गए सभी योजनाओं का जांच किया जाए उक्त मांग झामुमो जिला सचिव सोनाराम देवगम ने की है। झामुमो ने आरोप लगाया है कि विगत पांच वर्षों के दौरान जिला प्रशासन की नाक के नीचे ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत एनपीसीसी के द्वारा जिला में संचालित करोड़ों की योजनाओं में भारी अनियमितता एवं गड़बड़ी की गई है।

आरोप लगाया गया है कि एनपीसीसी द्वारा जिला में कराए गए किसी भी योजना में प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं किया गया है साथ ही गुणवत्ता का भी ध्यान बिल्कुल नहीं रखा गया है। लेकिन जिला प्रशासन जानबूझ कर इस ओर से अपना आंख बंद कर मौन साधे हुए है । झींकपानी प्रखंड अंतर्गत मटकमहातु से कुदापी तक 3 किमी कालीकृत सड़क भी ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत एनपीसीसी द्वारा 17 मार्च 2018 से जून 2020 के बीच बनाया गया है जो बनने के साथ ही जगह जगह से उखड़ कर पूरी तरह से जर्जर भी हो गया है। सड़क के कुछ हिस्सों में पांच छह दिनों पूर्व मेटल और विटुमिन बिछाने का कार्य किया गया है वहां इतना घटिया दर्जे का काम किया गया है कि कदमों के ठोकर लगने मात्र से या खाली हाथ लगाने भर से ही कालीकृत सड़क पूरी तरह से उखड़ कर बिखर जा रहा है।
मोर्चा की ओर से कहा गया है कि अत्यंत घटिया सड़क निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों में काफी रोष है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर झामुमो जिला सचिव सोनाराम देवगम ने स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में उक्त सड़क का जांच किया जिसमें ग्रामीणों की शिकायत को सही पाया । जिला में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत एनपीसीसी के द्वारा कराए गए सभी योजनाओं की स्थिति कमोवेश ऐसी ही है। जनहित में जिला प्रशासन अविलंब जांच कमिटी गठित कर ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत एनपीसीसी द्वारा जिला में कराए सभी योजनाओं का जांच कराए।इसकी जानकारी जिला मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी ने दी है।







