
जमशेदपुर : ओड़िशा के विमान हादसे में मारे गये जमशेदपुर के सीतारामडेरा न्यू ले आउट के रहने वाले संजीव कुमार झा का अंतिम संस्कार मंगलवार को गमगीन माहौल के बीच कर दिया गया. उनका अंतिम संस्कार जमशेदपुर के सुवर्णरेखा बर्निंग घाट में किया गया. उनके पुत्र शौर्य झा ने मुखाग्नि दिया. उनके दो पुत्र है शौर्य और अमन झा जबकि उनकी पत्नी ऋतु झा है, जो पेशे से अधिवक्ता है. वे लोग सीतारामडेरा न्यू ले आउट में रहते है. इससे पहले मंगलवार की सुबह संजीव कुमार झा का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से घर पर लाया गया तो कोहराम मच गया. उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था. पत्नी के अलावा परिवार के सारे लोग गमगीन थे. पत्नी की हालत बिगड़ गयी. वह बार-बार बेहोश हो रही थी और अपने भविष्य को लेकर चिंतित थी. इस दौरान उनके परिजनों ने पत्नी को संभाला, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी. पिता को मुखाग्नि देते हुए दोनों छोटे बच्चों के क्रंदन और रोने की आवाज ने पूरा बर्निंग घाट को ही गमगीन कर दिया. आपको बता दें कि सोमवार को ओड़िशा के ढेकनाल के पास ट्रेनिंग देने के दौरान ओड़िशा सरकार में बतौर चीफ फ्लाइट इंस्ट्रक्चर काम कर रहे संजीव कुमार झा का निधन हो गया था. उनके साथ ट्रेनिंग ले रही एक और ट्रेनी की मौत हो गयी थी, जो तमिलनाडू की रहने वाली थी. पायलट संजीव झा के पुत्र शौर्य झा ने बताया कि उनके पापा हमेशा उनको फोन करते थे और बोलते थे कि वह भारतीय सेना में जाने की तैयारी करें. वहीं बनने का अब लक्ष्य के साथ काम करेगा. उनके ससुर का सुनैना वेट ब्रिज भी है, जहां से सारा कामकाज चलता है. संजीव झा का एक बेटा बेंगलुरु के रेवा यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा बेटा भी इंजीनियरिंग की ही तैयारी कर रहा है.






