
चाईबासा : ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना फेज टू के तहत चाईबासा से लुपुंगुटु तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन इस सड़क का कार्य पिछले कई महीनों से बंद और अधूरा पड़ा है. पूरी सड़क पर चिप्स बिछा दिए गए हैं, लेकिन उस पर मिट्टी या मोरुम नहीं डाला गया है। इस कारण सड़क पर चलना काफी खतरनाक हो गया है। इस सड़क पर कई बार बाइक और साइकिल सवार दुर्घटना ग्रस्त हो चुके हैं. लेकिन विभाग और संवेदक का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है. इससे दर्जनों गांव के लोगों में भारी आक्रोश है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में इस सड़क का शिलान्यास पिछले साल सितबंर में हुआ था. सड़क कितनी दूर और कितने लागत से बन रही है और कौन संवेदक है इस बारे में ग्रामीण विकास के कार्यपालक अभियंता द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रहा है.

गौरतलब है कि इस सड़क का कालीकरण पांच साल पहले 80 लाख की लागत से कराया गया था। उस समय गुणवत्ता को लेकर रांची की टीम द्वारा जांच भी की गई थी, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला. इस बार भी ग्रामीण विकास विभाग जानकारियां छुपाने में लगा है. आखिर विभाग के अभियंता द्वारा इस मामले को लेकर कोई जानकारी न देकर छुपाने में क्यों लगा है। इतना ही नहीं विभाग के अभियंता द्वारा न मिडिया का फोन उठाया जा रहा और ना ही क्षेत्र के विधायक दीपक बिरुवा का। इस मामले पर क्षेत्र के विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि ऐसे लापरवाह विभाग के अभियंता तथा संवेदक पर कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि उक्त सड़क का निर्माण करनेवाला संवेदक रांची का बताया जा रहा है और उक्त सड़क का कार्य नामित ठेकेदार ने किसी अन्य ठेकेदार को पेटी पर दे रखा है।







