
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने बाबाधाम यानी देवघर में लगने वाले श्रावणी मेला पर रोक बरकरार रखा है. सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रावणी मेला नहीं लगाया जा सकता है. देवघर के बाबाधाम के मंदिर में पूजा अर्चना होगी. विधि-विधान के साथ पूजा होगी, लेकिन लोग मंदिर में जल चढ़ाने नहीं जा सकेंगे. पूजा का हर दिन लोग ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे. ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था कराने का आदेश दिया गया है. इसके लिए ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए सरकार को आदेश दिया गया है ताकि लोग आसानी से दर्शन कर सकेंगे. वैसे सांसद निशिकांत दुबे ने श्रावणी मेला और कांवर यात्रा को नियमों के तहत चालू कराने की अपील की थी, जिसको हाईकोर्ट ने खारिज कर दी. सिर्फ देवघर के बाबाधाम ही नहीं बल्कि पहाड़ी मंदिर और बासुकीनाथ मंदिर में भी लोग पूजा अर्चना नहीं कर सकेंगे. पूजा अर्चना पुजारियों द्वारा किया जायेगा और श्रद्धालु ऑनलख़िन दर्शन कर सकेंगे. झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर सचिव अमिताभ कौशल को भी तलब किया था और यह बताने को कहा था कि किस तरह की आपदा की व्यवस्था है. इस पर सरकार का पक्ष आपदा सचिव अमिताभ कौशल ने खुद रखा और बताया कि वर्तमान हालात में धार्मिक स्थलों को नहीं खोला जा सकता है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा है. हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के श्रावणी मेला को मीडिया में दिये गये बयान को लेकर भी कड़ी आपत्ति जतायी. हाईकोर्ट ने कहा कि जब मामला हाईकोर्ट में लंबित है तो फिर क्यों मीडिया में बयान दिया जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए. वैसे हाईकोर्ट ने इसका आदेश विस्तृत तौर पर जारी करने की भी बात कहीं है.







