
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने आंध्र प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाइओवर के निर्माण को साकार करने में अहम योगदान दिया है. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 2.6 किलोमीटर लंबा छह-लेन वाला कनक दुर्गा फ्लाईओवर राज्य का सबसे लंबा फ्लाईओवर है. कंपनी ने इस परियोजना में इस्तेमाल होने वाले कुल स्टील का 80 प्रतिशत स्टील आपूर्ति की है. यह आपूर्ति 2,000 मीट्रिक टन लो रिलेक्सेशन प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (एलआरपीसी) स्ट्रैंड्स और 10,000 मीट्रिक टन टीएमटी (थर्मो-मैकेनिकली-ट्रीटेड बार) के रूप में है. इस निर्माण में खंभों के बीच की दूरी को 45 मीटर तक बढ़ाने में स्टील की ताकत एक प्रमुख कारक साबित हुई, जो आम तौर पर स्वीकृत 25 मीटर के मानक से दोगुना है. इस ऐतिहासिक परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन किया गया. केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने यह फ्लाईओवर देश को समर्पित किया. भारत में आधुनिक इंजीनियरिंग की इस महान कृति के उद्घाटन और सार्वजनिक समर्पण को कंपनी की प्रतिबद्धता तथा राष्ट्र निर्माण के इसके प्रयासों के एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा. टाटा स्टील के चीफ ऑफ मार्केटिंग सेल्स वी रविचंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील नये ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए राष्ट्र निर्माण परियोजनाओं के लिए योगदान देने में हमेशा सबसे आगे रही है.

निर्माण उद्योग के लिए उत्पादों और समाधानों की अपनी विस्तृत श्रृंखला के साथ, हम समय और श्रम की बचत में कमी के संदर्भ में, अपने ग्राहकों की विवेकपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं. बहुप्रतीक्षित कनक दुर्गा फ्लाईओवर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील की थोक आपूर्ति के लिए पसंदीदा भागीदार होने पर हमें गर्व है. परियोजना के निर्माण ठेकेदार और सोमा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के डिपुटी जेनेरल मैनेजर (प्रोक्योरमेंट) वाईएस राव ने कहा कि प्री-स्ट्रेस्ड टेक्नोलॉजी और निर्बाध सेवा के लिए टीएमटी बार और एलआरपीसी स्ट्रैंड जैसे टाटा स्टील के गुणवत्ता उत्पादों ने हमें महीने-दर-महीने अपनी गति बनाए रखने और समयसीमा में इस लैंडमार्क परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करने में मदद की. अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर बनाया गया यह ’इंजीनियरिंग आश्चर्य’ देश में अपनी तरह का छह-लेन मार्ग के साथ बना तीसरा फ्लाओवर है. 78-फीट चौड़े एलिवेटेड कॉरिडोर पर तीन रास्ते हैं, जिसमें छह कर्व और दो बड़े टर्निंग शामिल हैं. कृष्णा नदी और प्रकाशम बैराज के ऊपर विस्तृत और राष्ट्रीय राजमार्ग 65 से जुड़ने से पहले विजयवाड़ा से गुजरने वाला यह नया फ्लाईओवर आंध्र प्रदेश का सबसे लंबा-चौड़ा मार्ग है. पुल का नाम इस तथ्य से प्रेरित है कि यह इंद्रकीलाद्री पहाड़ी के चारों ओर वलयकार रूप में है, जिस पर प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर स्थित है. कनक दुर्गा फ्लाईओवर, भारत और आंध्र प्रदेश के लिए एक गौरवशाली मील का पत्थर है, जो टाटा स्टील उत्पादों द्वारा सक्षम सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, प्रतिष्ठित परियोजनाओं और इमारतों के बढ़ते वैश्विक परिवार में शुमार हो गया है. इस परिवार में मुंबई का बांद्रा-वर्ली सी लिंक, दुबई की गगनचुंबी इमारत बुर्ज खलीफा, अहमदाबाद का मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम, असम का बोगीबील पुल, गुजरात का स्टैच्यू ऑफ यूनिटीसमेत देश भर की कई मेट्रो परियोजनाएं आदि शामिल हैं.




