
रांची : झारखंड के करीब आठ हजार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का तबादला होगा. वर्षों से एक ही जिले या आसपास के इलाके या किसी न किसी जिला पुलिस से लेकर उसी जिले में दूसरे विभागों में अपना तबादला करा लेने वाले ऐसे करीब आठ हजार पुलिसवालों पर नकेल कसने की तैयारी की गयी है. राज्य के पुलिस महानिदेशक एमवी राव ने खुद कहा है कि करीब आठ हजार पुलिसवाले ऐसे है, जो विभिन्न जिलों में पदस्थापित है जबकि मुख्यालय में भी जमे हुए है. ऐसे कई लोग तो ऐसे है जो कभी एक ही जिले में जिला पुलिस बल में रहते है तो कोई एसीबी में चला जाता है तो कोई कहीं और चला जाता है. ऐसे लोगों की पूरी सूची बनाकर सभी का तबादला किया जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिस मुख्यालय में सिर्फ 127 पुलिस ऑफिसरों की जरूरत है, लेकिन मुख्यालय में ही करीब 400 पुलिस अधिकारी तैनात है. ये सारे पुलिस अधिकारी आठ साल से अधिक समय से पदस्थापित है, जो हर स्तर पर नियम का उल्लंघन है. अपने पैरवी के बल पर ऐसे पुलिस अधिकारी जमे हुए है. ऐसे सारे पुलिसवालों का तबादला किया जायेगा. उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी साफ किया है कि हम समझ रहे है कि पुलिस के अधिकारी जरूर दबाव बनायेंगे और बना भी रहे है कि उनका तबादला रोक दिया जाये. उन्होंने कहा कि इस तरह की बातों से वे खुद डरने वाले नहीं है और ना ही किसी तरह का दबाव में आने वाले है. इस कारण ऑफिसरों को खुद मन बना लेना चाहिए कि उनको जाना ही होगा क्योंकि जो नक्सल प्रभावित इलाके या दुर्गम थाना या जिला में पदस्थापित है, उनको भी राहत देने की जरूरत है.





