
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव प्रेम प्रकाश शर्मा (पीपी शर्मा) का सोमवार को निधन हो गया. वे 70 साल के थे, जो अभी बिजनेसमैन के तौर पर अपने आपको स्थापित कर चुके है. पीपी शर्मा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में वे मुख्य सचिव रहे और उनके ही मुख्य सचिव रहते हुए टाटा लीज समझौता हुआ था. 20 अगस्त 2005 को यह लीज समझौता करीब दस साल के बाद संपन्न हुआ था, जिसके ऐतिहासिक दस्तावेज पर पीपी शर्मा का बतौर मुख्य सचिव हस्तक्षर है जबकि उनके साथ टाटा स्टील की ओर से एमडी बी मुथुरमण ने इस ऐतिहासिक लीज समझौता पर हस्ताक्षर किये थे.

टाटा लीज समझौता की कॉपी, जिस पर पीपी शर्मा की तस्वीर लगी है. 
टाटा लीज समझौता पर हस्ताक्षर करने वाले स्वर्गीय पीपी शर्मा का हस्ताक्षर.
वे 14 दिसंबर 2004 से लेकर 18 जनवरी 2006 तक झारखंड के मुख्य सचिव रहे थे. पीपी शर्मा तेज तर्रार आइएएस ऑफिसर माने जाते रहे थे, जो प्रगति के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करते थे. 1971 बैच के आइएएस पीपी शर्मा मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले है. उनके निधन से एक वर्ग विशेष में शोक की लहर दौड़ गयी है. स्वर्गीय पीपी शर्मा का जमशेदपुर से काफी ज्यादा लगाव था. वे स्वास्थय मंत्री रहते हुए कई सारी योजनाओं को जमशेदपुर ब्लड बैंक के लिए भी पारित कर चुके थे.









