
जमशेदपुर : देश के मशहूर नर्तक और पद्मश्री अवार्ड, संगीत नाटक अकादमी जैसे पुरस्कारों से नवाजे जा चुके अस्ताद देबू का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया. वे 73 साल के थे. वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. उनके परिवार के लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बात को साझा किया है और बताया है कि अस्ताद देबू का परिवार यह बताते हुए बहुत दुखी है कि अस्ताद देबू का निधन हो गया. बताया जाता है कि वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली. अस्ताद देबू की मौत से देश ने एक अपने तरह के अनोखे कलाकार को खो दिया है तो जमशेदपुर ने अपना बेटा खो दिया है. भारतीय समकालीन नर्तक और कोरियोग्राफर के रुप में अस्ताद देबू को दुनिया जानती थी. उनका जन्म वर्ष 1947 में गुजरात के नवसारी में हुआ था, जहां जमशेदजी नसरवानजी टाटा का जन्म हुआ था. वे कथक के साथ-साथ कथकली के भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों का प्रशिक्षण लिया था और फिर वे भारत में आधुनिक नृत्य के अग्रणी कलाकार में से एक थे. उनका लंबा कैरियर रहा है. वे दुनिया के बेहतरीन कलाकार एलिसन बेकर चेज, पिंक फ्लायड और पिना बॉश जैसे कलाकारों के साथ काम किया है और दुनिया के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया है. उनके इस कला को वर्ष 1996 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2007 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है.

क्या है जमशेदपुर से अस्ताद देबू का जुड़ाव
13 जुलाई 1947 को उनका जन्म हुआ था. वे गुजरात के नवसारी गांव में जन्मे थे. उनकी शुरुआती दिन कोलकाता में बीता था और कोलकाता से जब वे छह साल के थे तो वे जमशेदपुर आ गये थे. उनके पिता टाटा स्टील के कर्मचारी थे तो उनकी मां हाउस वाइफ थी. उनकी दो बहन कमल और गुलशन है. जब वे छह साल के थे तो कथक डांस की ट्रेनिंग लेने की शुरुआत इंद्र कुमार मोहंती और स्वर्गीय प्रह्लाद दास से लिया था. उनकी शुरुआती शिक्षा जमशेदपुर के लोयोला स्कूल में हुआ था. 1964 में वे मैट्रिक जमशेदपुर के लोयोला स्कूल से पास की. इसके बाद वे मुंबई चले गये, जहां वे मुंबई यूनिवर्सिटी के अधीन संचालित पोद्दार कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. वे फइर मुंबई से कथक का सम्रिश्रण वाले डांसक की शुरुआत की और न्यू यार्क में अपना प्रदर्शन किया. वे इस दौरान लंदन स्कूल ऑफ कंटेम्पोरेरी डांस से डांस की यूनिक तकनीक को जाना और फिर कई जगहों पर परफार्मेंस दिया. वे जर्मनी, जापान, इंडोनेशिस, अमेरिका जैसे देशों में अपने नृत्य कला का प्रदर्शन किया. अंतिम बार वे जमशेदपुर में 17 नवंबर 2017 को टाटा स्टील के बुलावे पर अपने नृत्य का प्रदर्शन लोयोला स्कूल के फेसी ऑडिटोरियम में किया था. यह वहीं स्कूल था, जहां उन्होंने स्कूली पढ़ाई की थी. डांस के दौरान अपने संबोधन में अपने स्कूलों के विकास को देखकर भावविभोर हो गये थे.






