
जमशेदपुर : झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी सेंगेल अभियान, केंद्रीय सरना समिति और अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, रांची का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव से उनके रांची स्थित निवास स्थान में मुलाकात की. इन लोगों ने दो अलग-अलग ज्ञापन भी सौंपा. एक ज्ञापन कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम और दूसरा उनके नाम जिसमें राष्ट्रपति को सरना धर्म कोड की मान्यता हेतु मांग पत्र और 31 जनवरी 2021 के राष्ट्रव्यापी रेल रोड चक्का जाम के दौरान असम की भाजपा सरकार द्वारा आदिवासियों के ऊपर बर्बरतापूर्ण पुलिस प्रशासन के हिंसक कार्रवाई की निंदा करते हुए उचित जांच और बर्खास्तगी की मांग की गई. डॉ रामेश्वर उरांव को सरना धर्म कोड के लिए हमेशा आगे बढ़कर आवाज उठाने के लिए उनकी प्रशंसा की गई और झारखंडी भावना को भी निडर होकर सामने लाने के लिए बधाई दी गई. डॉ रामेश्वर उरांव ने सरना धर्म कोड के लिए और आदिवासी मूलवासियों के न्याय और अधिकारों के लिए हमेशा सहयोग करने का आश्वासन दिया. उनसे आग्रह किया गया कि चालू संसद सत्र में सरना धर्म कोड के मुद्दे को संसद में कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाने की हरसंभव कोशिश होनी चाहिए. इसके बाद इन लोगों ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का पुतला दहन भी किया गया. बंगाल, बिहार, ओड़िशा, असम और झारखंड में असम की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया. चूंकि यह सरना धर्म कोड और अदिवासी विरोधी सरकार है. पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के साथ फूलचंद तिर्की, सत्यनारायण लकड़ा, भुवनेश्वर लोहरा, सुमित्रा मुर्मू, विनय उरांव, नीरा टोप्पो, रंजीत बाउरी, संजय तिर्की आदि कार्यक्रमों में शामिल हुए.





