
रांची: राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो 9 फरवरी को एमजीएम अस्पताल चेन्नई से डिस्चार्ज हुए, इसके बाद वहीं पास के एक फ्लैट में फिलहाल ठहरे हुए है. मंगलवार को उन्होंने अपना रिव्यू कराया. अभी तक रिपोर्ट नही आयी है. रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सकों की सलाह के बाद वे झारखंड लौट आएंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्री जगरनाथ महतो से मुलाकात की और कुशलक्षेम जाना.
उन्होने कहा कि श्री महतो से कहा कि आपने तो कोरोना को मात दे दिया है. आप जल्द झारखंड लौटे और अपना कार्यभार संभाले. विदित हो कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एमजीएम चेन्नई में इलाजरत अपने निजी पीएस से मिलने पहुंचे थे. अस्पताल प्रबंधन की पहल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मुलाकात कराई गयी. श्री महतो ने हाथ जोडकर केंद्रीय मंत्री का अभिवादन किया और राज्य की समस्याओं को उनके समक्ष रखा तो श्री गडकरी ने सम्मान करते हुए उन्हें समाधान का भरोसा दिया. इस संबंध में श्री महतो ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को एक ज्ञापन भी सौंपा.
ज्ञापन में उन्होंने मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जैना मोड़- डुमरी पथ में भारी वाहनों का परिचालन काफी तादात में होता है. पथ टू लेन होने के कारण वाहनों का काफी दबाब रहता है. वहीं गिरिडीह से भाया डुमरी, नावाडीह, फुसरो, जैना मोड़ होते हुए सीधे रांची तक सरकारी पस परिचालन की सुविधा नहीं है. यहां पर सीधी ट्रेन की भी सुविधा नही होने के कारण स्थानीय लोगों को आर्थिक क्षति होती है, चुंकि निजी बस संचालकों की मनमानी का सामना करना पड़ता है.
सरकारी बसों के परिचालन से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. केंद्रीय मंत्री ने इस मामले पर जल्द ही सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मुलाकात झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है. राजनीतिक जानकारों को कहना है कि राजनीति में कभी कुछ कहा नहीं जा सकता है. कब कौन नेता किस पार्टी में शामिल हो सकता है कहना मुश्किल है. इस संबंध में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि केंद्रीय मंत्री से मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाकात थी. इसके राजनीति मायने नहीं है.




