
रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे गरीब राज्य के साथ केंद्र सरकार मजाक कर रही है. ना तो टीका दे रहा है और ना ही रेमडेसीवीर दवा ही दे रही है. रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है. लेकिन टीका ही नहीं है कि उनको दिया जा सके. बन्ना गुप्ता संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि झारखंड में एक मई से कोरोना का टीका 18 साल के ऊपर के लोगों को नहीं लग सकेगा. झारखंड ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीच्यूट से 25-25 लाख टीका का आर्डर दिया है, लेकिन वैक्सीन के निर्माता कंपनियों ने वैक्सीन देने से इनकार कर दिया है. इस कारण अभी संभव है कि यह टीका 15 से 20 मई के बीच शुरू किया जा सके. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार 18 साल से ऊपर के लोगों को मुफ्त में वैक्सीन देना चाहती है, जिसको रोकने के लिए केंद्र सरकार कुत्सित प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि 1.57 करोड़ युवक-युवती है, जिके लिए करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. झारखंड के साथ केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है. गुजरात को केंद्र सरकार ने जरूरत से ज्यादा रेमडेसीवीर दवाएं भेज दी है जबकि झारखंड को 4000 रोजाना रेमडेसीवीर इंजेक्शन की जरूरत है जबकि नौ दिनों में 20 हजार इंजेक्शन ही दी जा रही है. उन्होंने ब ताया कि असम से 2000 रेमडेसीवीर इंजेक्शन मंगाकर हम लोग दे रहे है. बन्ना गुप्ता ने यह भी कहा कि झारखंड में 5000 टन ऑक्सीजन रिजर्व है. 18 रिफिलिंग प्लांट है. (पूरी खबर नीचे पढ़ें)
1 प्लांट में 500 से 600 सिलेंडर रिफिलिंग कर रहा है. ऑक्सीजन बेड बढ़ रहा है जबकि 17 हजार सिलेंडर खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया है. उन्होने बताया कि भाजपा एक देश, एक विधान और एक संविधान का नारा देती थी, लेकिन आज जीवन रक्षक वैक्सीन को लेकर तीन कानून बना लिया है. चुनावी भाषण में मुफ्त कोरोना का वैक्सीन देना झूठा साबित हुआ है. टीकाकरण के नाम पर सिर्फ राजनीति की है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि 2020-21 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में वैक्सीन के लिए 35000 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है तो क्या कारण हैं कि अब 18 साल से ऊपर के लोगों के वैक्सीन देने के लिए राज्य सरकार से रुपए मांग रही हैं और आज वैक्सीनेशन के नाम पर 3 तरह से टैरिफ राज्य सरकार के माथे पर थोपा जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कोविड महामारी के समय केंद्र सरकार राज्यों के साथ राजनीतिक छल और प्रपंच रच रही है. राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार की नाइंसाफी है. बन्ना गुप्ता ने कहा कि दुनिया का हीरो बनने के चक्कर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे देशों को वैक्सीन भेज दी है, लेकिन अपने देश में वैक्सीन की पूर्ति नहीं कर पा रहे है. बन्ना गुप्ता ने कहा कि चुनावी भाषणों में पाकिस्तान को गाली देने वाले मोदी जी ने पाकिस्तान को 45 लाख डोज दिया. भूटान को 25 लाख डोज दिया, लेकिन इस पिछड़े और गरीब राज्य को वैक्सीन, रेमडेसिविर और दवाई देने के लिए केंद्र सरकार के पास नहीं है.





