
रांची : झारखंड सरकार कोरोना के लिए खिलाफ बड़ी लड़ाई छेड़ दी है झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिन में ही कोरोना को लेकर बड़ा बयान अपना जारी किया. इसके तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत से ज़्यादा हो गयी है. पिछले कुछ दिनों से संक्रमण दर भी 4 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है. ये आकड़ें कोरोना से हमारे संघर्ष में उत्साहवर्धक हैं और इसके लिए लिए मैं स्वास्थ्य कर्मियों समेत कोरोना के ख़िलाफ़ मुहिम में लगे हर एक कर्मी और राज्य की जनता का अभिनंदन करता हूँ. पर मेरे मुताबिक़ कोरोना का पीक अभी पार नहीं हुआ है. जब तक राज्य में कोरोना से एक भी राज्यवासी की मौत हो रही है तब तक पीक है, ख़तरा है और हम ना तो ख़ुश हो सकते हैं और ना ही चैन से बैठ सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में अब हम और तीव्र गति से टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दे रहे हैं. तीसरे चरण की तैयारी हेतु हम एसओपी बनाने समेत अन्य ज़रूरी कदम उठा रहे हैं. श्री सोरेन ने कहा कि वैक्सीन निबंधन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या के समाधान हेतु हर ज़रूरी कदम उठाये जा रहे हैं और जल्द ही इससे निजात मिलेगी. हेमंत सोरेन ने लोगों से अपील की है कि बिना मास्क घरों से ना निकलें. सबको वैक्सीन राज्य सरकार की तरफ़ से निःशुल्क दिया जा रहा है और यह पूरी तरह सुरक्षित है. इस कारण वैक्सीन खुद लें और अपने आस-पड़ोस में भी लोगों को वैक्सीन लेने हेतु प्रोत्साहित करें. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री की ही पहल पर नामकुम में 100 कोरोना मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है. शाम के वक्त राज्य के अपर स्वास्थ्य सचिव अरुण सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर यह जानकारकी दी कि ज्यादा जनसंख्या के कारण टीकों की कमी हुई है. देश के स्तर पर ही यह कमी है और इस कमी को दूर करने का प्रयास हो रहा है. झारखंड सरकार मुफ्त में वैक्सीन दे रही है और आर्डर भी कर चुकी है. ऐसे में टीका आते ही सारे समस्याओं का निराकरण हो जायेगा. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भी अलग से संवाददाता सम्मेलन किया और बताया कि अभी पीक पर कोरोना आ चुका है. अलग तीसरे वेभ की बात हो रही है. इस तीसरे वेभ को लेकर झारखंड सरकार सचेत है और बच्चों के पीआइसीयू से लेकर अस्पतालों को बनाया जा रहा है और हर जिले में यह व्यवस्था की जा रही है ताकि लोगों को सारी सुविधाएं मिल सके. लोगों को लेकिन अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए, हाथ धोते रहना चाहिए और मास्क जरूर पहनना चाहिए. उन्होंने बताया कि हर 12 जिलों में कोरोना का टेस्टिंग का एक वैन संचालित किया जायेगा. इसके तहत जेआइपीएम के साथ समझौता किया जा रहा है. पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), बोकारो, देवघर, लातेहार, साहेबगंज, जामताड़ा, पाकुड़, सिमडेगा, गुमला, धनबाद, रांची जिले में यह टेस्टिंग मोबाइल वैन संचालित होंगे, जहां लोग आराम से जाकर अपना टेस्ट करा सकेंगे. हर जिले में अस्पतालों में बच्चों के लिए पेडियेट्रिक आइसीयू, पेडियेट्रिक बेड और अन्य सारी सुविधाएं लायी जा रही है क्योंकि यह अंदेशा जताया जा रहा है कि तीसरे वेभ में परेशानी उत्पन्न हो सकती है और बच्चे ज्यादा प्रभावित हो सकते है.




