
नयी दिल्ली : देश की लोकसभा में सोमवार को अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन विधेयक को विपक्ष के हो-हंगामा के बीच पारित कर दिया गया. इस दौरान विधेयक को सदन में चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री और झारखंड के सांसद अर्जुन मुंडा ने रखा. सदन के अंदर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी होने लगी. आपको बता दें कि अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन विधेयक को अरुणाचल प्रदेश की सिफारिश से अनुसूचित जनजातियों की संवैधानिक सूची में संशोधन के लिए लाया गया है. यह विधेयक राज्यसभा में पहले से ही पारित हो चुका है. केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने सदन में इसको पेश करने के दौरान कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई ऐसी जनजातियां है, जिन्हें नागा आदिवासी के तौर पर रिकॉर्ड में शामिल नहीं होने के कारण उनको लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस संशोधन से लाभांवितों का विस्तार हो सकेगा. इस विधेयक के माध्यम से नागा जनजातियों को भी काफी मदद मिलेगी. इस दौरान हंगामा होता रहा. विपक्ष को केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने आड़े हाथों लिया और कहा कि विपक्ष का हंगामा बताता है कि जनजातीय मामलों और मुद्दों से विपक्ष को कोई लेना देना नहीं है. वैसे सदन में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस विधेयक पर वे लोग बोलना चाहते है. उनके साथ बसपा के सांसद रितेश पांडेय, द्रमुक के सांसद टीआर बालू, आरसीपी की सुप्रिया सुले, शिवसेना सांसद विनायक राउत और टीएमसी सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का जोरदार विरोध किया. अरुणाचल प्रदेश से सांसद और कानून मंत्री किरन रिजिजू ने इसका समर्थन किया और विरोध करने को गलत करार दिया और कहा कि इस तरह का विरोध उचित नहीं है. वैसे लोकसभा में हंगामा के बीच इस विधेयक को संसद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.







