
जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी ऑफिस समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार-सह-प्रभारी मंत्री पूर्वी सिंहभूम मिथिलेश ठाकुर की अध्यक्षता में एक समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई. दो पालियों में आयोजित बैठक की प्रथम पाली में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विभागों तथा द्वितीय पाली में राजस्व एवं तकनीकी विभागों की समीक्षा की गई. बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक जमशेदपुर पूर्वी सरयू राय, विधायक घाटशिला रामदास सोरेन, विधायक बहरागोड़ा समीर मोहंती, विधायक जुगसलाई मंगल कालिंदी, विधायक पोटका संजीव सरदार, विधायक जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक प्रतिनिधि तथा जिला स्तरीय पदाधिकारियों में उपायुक्त सूरज कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी धालभूम ममता प्रियदर्शी, उप वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक गज परियोजना डॉ अभिषेक कुमार, उप विकास आयुक्त परमेश्वर भगत तथा अन्य सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी शामिल हुए. प्रथम पाली में ग्रामीण विकास विभाग, जेएसएलपीएस, समाज कल्याण, कल्याण, पंचायती राज, आपूर्ति, श्रम विभाग, कृषि, पशुपालन, सहकारिता विभाग आदि की क्रमवार समीक्षा की गई वहीं दूसरी पाली में एक्साईज, परिवहन, नगर निकाय, पथ निर्माण, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत, भवन निर्माण तथा अन्य सभी संबंधित विभागों की समीक्षा की गई. मंत्री ने कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में उनकी यह पहली बैठक है. ऐसे में जिले में क्रियान्वित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन एवं राजस्व संग्रहण संबंधी समस्याओं को जानने का प्रयास है ताकि उनका उचित समाधान निकाला जा सके. बैठक में विधायक जमशेदपुर पूर्वी द्वारा डीएमएफटी मद से शहर में योजनाओं के क्रियान्वयन का सुझाव दिया गया जिस पर उपायुक्त द्वारा आश्वस्त किया गया कि शहरी क्षेत्र की योजनाओं को भी इससे जोड़ा जाएगा. जिला सहकारिता पदाधिकारी से सरकार की जिले में कॉपरेटिव की कितनी संपत्तियां हैं इसकी जानकारी ली गई, विधायक बहरागोड़ा द्वारा हाथियों के उत्पात के कारण होने वाले जानमाल की क्षति को लेकर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया गया. (नीचे पूरी खबर देखें)

मंत्री ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए लोगों को होने वाली क्षतिपूर्ति के संबंध में वर्तमान में दिए जाने वाले मुआवजा के अलावा इसमें और क्या प्रावधान क्या जा सकता है इस पर विचार किए तथा हथियों के दल से बचाव को लेकर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने पर भी विमर्श किया गया. ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों से शहरी क्षेत्र में शिक्षकों के डेपुटेशन को लेकर मंत्री द्वारा स्पष्ट निदेश दिया गया कि बिना उचित कारण तथा उच्चाधिकारियों को सूचित किए बिना शिक्षकों का डेपुटेशन नहीं हो इसे शिक्षा विभाग के अधिकारी सुनिश्चित करेंगे. विधायक पोटका, विधायक घाटशिला द्वारा भी अपने क्षेत्र की समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया गया. बैठक में पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सार्वजनिक खाद्य वितरण को लेकर मंत्री ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को सुव्यवस्थित तरीके से बहाल रखने में उक्त विभागों की महती जिम्मेदारी होती है ऐसे में सभी पदाधिकारी जनहित में अपनी वचनबद्धता प्रदर्शित करते हुए टाइम बॉन्ड तरीके से जिलेवासियों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें. उन्होने स्पष्ट कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य लोगों के हितकारी योजनाओं का ससमय क्रियान्वयन है जिसमें क्षेत्र में कार्य करने वाले पदाधिकारियों की जिम्मेदारी इसे धरातल पर उतारने में काफी अहम हो जाती है. मंत्री ने कहा कि अगली बैठक में सभी विभागीय पदाधिकारी अपने प्रतिवेदन में यह जरूर उल्लेखित करें कि पिछले बैठक से अब तक क्या प्रगति हुई है तथा दिए-गए दिशा निर्देशों का कितना अनुपालन हुआ है. बैठक में अपर उपायुक्त, निदेशक डीआरडीए, निदेशक एनईपी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, नगर निकाय पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस तथा अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.




