
जमशेदपुर : आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एवं भारतीय रेलवे द्वारा अमृत महोत्सव के अभियान को आगे बढ़ाते हुए झारखंड में पहली बार ट्रेन की 2एसी कोच के अंदर एक ऐतिहासिक एवं पांचवें (5th) रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. यह आयोजन ऑल इंडिया रेलवे एसी कोच एंप्लाइज एसोसिएशन के द्वारा सीनियर डीईई/जी/सीकेपी, सीनियर सीडीओ/टाटा, एआरएम/टाटा, सीएमएस/टाटा, एडीईई/जी/टीटी, एडीएमई/टाटा, एसएसई/एसी/टाटा एवं दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर के सभी पदाधिकारियों, इलेक्ट्रिकल जनरल के सभी एसएसई, वहां के सभी कर्मचारी एवं एसी कोच के सभी पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी कर्मचारियों के सहयोग से किया गया. इन सभी पदाधिकारियों के उपस्थिति में एवं उनके द्वारा स्काउट एंड गाइड बैंड की धुन पर, भारत माता की तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलन के साथ इस रक्तदान शिविर की शुरुआत की गयी. गर्व की बात यह रही सबसे पहला रक्तदाता सोमनाथ पाल बने, जिन्होंने अपना 120वां रक्तदान कर इस पुनीत कार्य को सफल किया. साथ ही भारतीय रेलवे के द्वारा आहूत अमृत महोत्सव को चार चांद लगा दिया. उसके बाद ही रक्त दाताओं का रक्तदान करने का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू हो गया. इस रक्तदान शिविर का आयोजन करने में ऑल इंडिया रेलवे एसी कोच एंप्लाइज एसोसिएशन टाटानगर का प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन एवं जमशेदपुर ब्लड बैंक ने सहयोग किया. (नीचे भी पढ़ें)

भारतीय परंपरा के अनुसार भारतीय रेलवे के आदर्शों को सामने रखा गया. सभी रक्तदाताओं को अतिथि देवो भव के तहत स्वागत किया गया. नो मास्क-नो एंट्री एवं कोविड-19 के तहत सभी सावधानियों को बरतते हुए जगह-जगह सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गयी थी. दूसरी ओर, भारतीय रेलवे के चक्रधरपुर एवं टाटानगर डिवीजन ने यह कर दिखाया कि दिल में अगर सच्ची इच्छा सकती हो, तो कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में भारतीय रेलवे में भी इस तरह की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी उद्देश्य के साथ रेल 2AC कोच में इस रक्तदान शिविर का आयोजन करने के संकल्प के साथ विगत 2018 से ही सभी प्रयासरत थे. सच्ची लगन से एवं सच्ची इच्छा शक्ति से किया गया कोई भी कार्य असफल नहीं होता. आज इसी का जीता जागता उदाहरण बना टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर. इस तरह के सफल आयोजन के लिए ऑल इंडिया रेलवे एसी कोच एंप्लाइज एसोसिएशन ने प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन एवं जमशेदपुर ब्लड बैंक एवं चक्रधरपुर डिवीजन के साथ ही टाटानगर के सभी पदाधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आभार जताया है.





