
जमशेदपुर : सोमवार को दोपहर निर्मल गेस्ट हाउस में आजसू पार्टी द्वारा पत्रकार वार्ता किया गया, जिसमें आजसू पार्टी के प्रधान महासचिव रामचन्द्र सहिस ने बताया कि हेमन्त सरकार के दो वर्षो में उन सभी 40 वायदों को लेकर जो जनता से वादा किया है उसे लेकर आजसू पढ़ेगी कल यानी मंगलवार को हेमन्त चालीसा पड़ेगी. 28 दिसंबर 2021 को पूर्वी सिंहभूम जिला के विभिन्न मुख्य चौक चौराहे पर झारखण्ड सरकार के वादा खिलाफी में उन विषयों को प्रमुखता से रखेंगे जो राज्य के मुखिया, व जनता से वादा किया था वो वादाखिलाफी कर रही है. उनके वादाखिलाफी का पोल खोलने का कार्य आजसू करेगी. रामचन्द्र सहिस ने बताया कि रोजगार मामले में हेमंत सरकार पूरी तरह से विफल हुई है जहां युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने और हर वर्ष 5 लाख युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे करने का याद दिलाने का कार्य करेगी और पूर्व घोषणाओं को याद दिलाएगी की जिन युवकों को नौकरी नहीं दी जाती है, वैसे युवाओं को बेरोजगारी भत्ता 5000, 7000 दिलाने और उसे पूरा करने का कार्य आजसू पार्टी करेगी. साथ ही पिछड़ों को 27 फीसदी और अनुसूची जाती को 12 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा करने वाले हेमंत सोरेन इन वादों से भी मुकर रहे है. महिलाओं के साथ भी इस सरकार ने वादा खिलाफी किया है खासकर आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, के मानदेय में बढ़ोतरी करने का वादा भी विफल रहा है. एक तरफ यह भी सरकार ने वायदा किया था कि गरीब महिलाओं के भी रोजगार दी जाएगी, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन में भी बढ़ोतरी की बात उनके द्वारा किया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
पर्यटन तो विकसित हुआ बल्कि खनन दूसरे प्रदेश में अवैध रूप से बिक्री कर राज्य के खनिज संपदा की खुली लूट हुई है-
स्थानीय लोगो और आंदोलनकारियों के अधिकार की लड़ाई भी आजसू ने लड़ने का कार्य करेगी, सरकार भूमि अधिकार कानून बना कर सभी स्थानीय भूमिहीनों को भूखण्ड उपलब्ध कराने का वायदा करने वाले इस सरकार को अवगत कराने और इसे लागू कराने का संकल्प आजसू ने लिया है. साथ ही हर शहीद परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरियां में परीक्षा प्रतियोगिता में शामिल नहीं कर सीधे नियुक्ति करने वाले वादे को भी याद दिलाते हुए पूरा कराने का संकल्प आजसू पार्टी लेगी. सरकार ने किसान बैंक की स्थापना करने की भी घोषणा की थी, वो विफल रहा, उसे लेकर भी आजसू मांग करेगी. वहीं अनाजों के साथ-साथ सब्जियों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जा सके. किसानों के खेतिहर मजदूर का कर्ज माफी किया जाए, हर प्रखंड में मॉडल किसान स्कूल खोला जाएगा ताकि सभी विषयों पर सरकार को अवगत कराने का कार्य किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
आदिवासी दलित कल्याण एवं वन संरक्षण कानून पर भी फेल रहा. हेमंत और उनकी सरकार क्योंकि पेशा कानून को सख्ती से लागू हो इसके लिए सीएनटी एसपीटी एक्ट का सख्ती से पालन किया जाए, आदिवासी तथा दलित युवकों को कारोबार के लिए बिना ब्याज के कर्ज दिया जाए. साथ ही विस्थापन की समस्या झेल रहे उन सभी लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए पुनर्वास आयोग गठन की मांग भी आजसू ने किया है. शिक्षा और स्वास्थ्य के मामलों में भी राज्य सरकार की विफलता बार-बार मीडिया में प्रकाशित हो रहा है. झारखण्ड के 40 हजार अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिये झारखण्ड अधिवक्ता अधिनियम कानून लाना होगा. पत्रकार वार्ता में रामचन्द्र सहिस के साथ चन्द्रगुप्त सिंह, सागेन हांसदा, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, कुंदन सिंह, चन्द्रेश्वर पांडेय, माणिक मल्लीक, सचिन प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे.





