
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर उस वक्त हंगामा मच गया जब एक बेटा अपने पिता के शव का अंतिम संस्कार रुकवाने पहुंच गया. पार्वती घाट में थोड़ी देर के लिए हंगामे की स्थिती बनी रही. हालांकि मामला बढ़ता देख प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर एमजीएम अस्पताल के शव गृह भिजवा दिया. दरअसल गम्हरिया के नारायणपुर निवासी 65 वर्षीय रामजी प्रसाद की मौत के बाद परिजन शव को लेकर पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लेकर पहुंचे थे. इधर सूचना पाकर उनका बेटा जहानाबाद से शहर पहुंचा और पुलिस को यह सूचना दी कि उनके पिता की हत्या की गई है, जिसके बाद पुलिस पार्वती घाट पहुंची. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
घाट पर शव को जलाने की तैयारी की ही जा रही थी कि उसे रोक दिया गया. मृतक के बेटे ने जब रामजी प्रसाद का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा तो उसे आदित्यपुर के डॉ संदीप शेखर द्वारा लिखी गई सर्टिफिकेट दिया गया जिसमें रामजी प्रसाद के मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है. रामजी प्रसाद के बेटे ने सर्टिफिकेट को फर्जी बताया है. उनके अनुसार उनकी सौतेली मां और बहन पिता की संपत्ती हड़पना चाहती है और इसके लिए उन्होने पिता की हत्या कर दी है. मृतक के शरीर में चोट के निशान भी पाए गए है. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.



