जमशेदपुर : घोर स्वार्थपरता एवं आत्मकेंद्रितता के वर्तमान दौर में भी मानवता की लौ अभी बुझी नहीं है. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज जमशेदपुर के गोविंदपुर में वहां के एक एकाकी बुजुर्ग के निधन के बाद देखने को मिला. दिवंगत बुजुर्ग के परिवार में और कोई नहीं होने के कारण उनके अंतिम संस्कार के लिए वहीं के एक व्यक्ति सामने आये, जिन्होंने दिवंगत बुजुर्ग के साथ कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं होने के बाद भी उनका अंतिम संस्कार कर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह किया.
गोविंदपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता, टेल्को के पूर्व कर्मचारी, फुटबॉलर, जमशेदपुर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पूर्व रेफरी एवं प्रतिभा केंद्र के संस्थापक सदस्य रह चुके रामचरित मंडल का आज निधन हो गया. श्री मंडल अविवाहित थे एवं उनके परिवार में और कोई सदस्य भी नहीं था. ऐसे में स्थानीय समाजसेवी श्याम किशोर सिंह अपना सामाजिक दायित्व मानते हुए उनका अंतिम संस्कार करने का दायित्व अपने ऊपर ले लिया. उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ स्व रामचरित मंडल को मुखाग्नि देकर उनका दाह संस्कार संपन्न करायाय. इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य डॉ परितोष सिंह, रमेश अग्निहोत्री, सुरेंद्र बहादुर सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संजीव कुमार झा, मनीष सिंह, मनोज कुमार सिंह, गणेश सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुब्रतो बाग, जय प्रकाश भगत भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल रहे.




