जमशेदपुर : जमशेदपुर के कपाली स्थित अल कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य वारिस सरवर इमाम संकट में घिर गये लगते हैं. ऐसी स्थिति आई है झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा उन्हें पत्र लिख कर अपनी योग्यता साबित करने का निर्देश दिये जाने के कारण. रजिस्ट्रार ने उन्हें पत्र लिख कर अपनी योग्यता से संबंधित सारे दस्तावेजों के साथ समर्पित करने का निर्देश दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
रजिस्ट्रार द्वारा प्राचार्य वारिस सरवर को लिखे पत्र में कहा गया है कि उनके द्वारा समर्पित योग्यता से संबंधित दस्तावेजों से उनकी योग्यता स्पष्ट नहीं हो पा रही है. उनके अनुसार एआइसीटीई की ओर से शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में निर्गत डिफिसिएंशी रिपोर्ट में इस संबंध में नकारात्मक टिप्पणी अंकित की गयी है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गठित निरीक्षण समिति के प्रतिवेदन में भी एआइसीटीई के प्रावधानों के अनुरूप प्राचार्य की नियुक्ति करने की अनुशंसा भी की गयी है. इस आलोक में प्राचार्य वारिस सरवर को अपनी योग्यता साबितकरने के लिए अपने सारे दस्तावेज कुलपति कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे. (नीचे भी पढ़ें)
कॉशन मनी को लेकर पहले से चल रहा है विवाद
उधर अल कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों द्वारा कॉशन मनी को लेकर उठाये गये सवाल पर भी पहले से विवाद चल रहा है. विद्यार्थियों की मानें तो कॉलेज द्वारा उनके कॉशन मनी की राशि नहीं लौटाई जा रही है. उनके अनुसार यह रकम लाखों में होगी. कॉलेज के प्राचार्य एवं प्रबंधन विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद भी कॉलेज के चक्कर लगवा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है. इस बात को लेकर कॉलेज में कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है.



