जमशेदपुर: महिलाएं अपने परिवार और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं. महिलाएं किसी भी मायने में बिल्कुल ही कमजोर नहीं है. महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदमताल कर रही हैं. कृषि कार्य के क्षेत्र में भी बेहतर कैरियर और आमदनी भी है. इसलिए कृषि कार्य से जुड़े और स्वरोजगार कर परिवार को आर्थिक से मजबूत बनाए. उक्त बातें मुख्य अतिथि पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कही. वे शुक्रवार को परसुडीह क्षेत्र के दक्षिण गदडा पंचायत भवन में आयोजित 5 दिवसीय उद्यानिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में शिरकत किए थे.(नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि भारत के 70 फीसदी लोग गांव में रहते हैं और सभी खेती-बाड़ी कर ही अपना जीवन यापन कर रहे हैं. सरकार कृषि कार्य से जुड़े लोगों को मदद कर रही है. इसलिए किसानों को आगे बढ़कर सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की जरूरत है. कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा मौजूद थी. कार्यक्रम में प्रखड़ उपप्रमुख शिव हांसदा, ग्रामप्रधान सुकलाल हेंब्रम, टाटा पावर के बबलू कुमार सिंह, पूर्व मुखिया शकुंतला गोडसोरा, अंकित बारला, सुनैना देवी आदि मौजूद थे..(नीचे भी पढ़े)
महिलाएं कर रही अच्छी आमदनी- अनिमा लकड़ा: जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा ने कहा की सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं कृषि को अपना मुख्य पेशा बनाकर अच्छी आमदनी कर रहीं हैं. बाजार में कृषि उपज की अच्छी डिमांड है. जिसके पास अपना कृषि योग्य भूमि है. वह उद्यान विभाग की मदद से ट्रेनिंग लेकर रोजी-रोजगार कर सकता है. उन्होंने कहा कि महिलाएं घर गृहस्थी को देखते हुए दिन कृषि के लिए थोड़ा समय निकालकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि से जुड़ा कार्य से सालोंभर अच्छी आमदनी की जा सकती है. इसलिए महिलाओं को खेतीबाड़ी कार्य का ट्रेनिंग जरूर लेना चाहिए..(नीचे भी पढ़े)
35 महिलाओं ने लिया ट्रेनिंग:जिला उद्यान विभाग और टाटा पावर की सहयोग से 35 महिलाओं को ट्रेनिंग दिया गया. उन्हें साग सब्जी की खेती के अलावे कृषि कार्य से संबंधित जानकारी दी गई. प्रशिक्षक ने उन्हें कृषि कार्य की बारीकी से अवगत कराया. महिला कृषकों को हर दिन अलग-अलग विषय वस्तु पर जानकारी दिया गया..(नीचे भी पढ़े)
प्रतिभागियों को मिला सर्टिफिकेट:सुदूर गांव देहात की महिलाओं ने 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया. प्रशिक्षण प्राप्ति के बाद शुक्रवार को उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने कृषि कार्य को अपना मुख्य कार्य बनाने का संकल्प लिया.



