जमशेदपुर : भारत में साहित्य के क्षेत्र से जुड़ा लगभग हर व्यक्ति लेखक अंशुमन भगत का नाम जानता है. चाहे वह लेखक हों या पाठक, अंशुमन ने अपने सकारात्मक एवं सहज लेखन के कारण शुरू से ही साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है. अंशुमन ने कई किताबें लिखी हैं, अब उनकी एक और पुस्तक ‘राजनीतिक घेराव’ भी प्रकाशित हो चुकी है, जिसके सह-लेखक बालाजी मिश्रा हैं. उनके पाठक इस किताब का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. इस पुस्तक को छत्तीसगढ़ के ऑथर्स ट्री पब्लिशिंग हाउस द्वारा 18 दिसंबर 2022 को प्रकाशित किया गया और प्रकाशन के साथ ही यह पुस्तक वर्ल्ड वाइड वेब अमेज़न की बेस्टसेलिंग #1 की श्रेणी में आ गई है. यह राजनीति के विषय पर पहली ऐसी पुस्तक है, जो जनमत के आधार पर लिखी गई है, जिसमें कई मुद्दों पर बड़ी बारीकी से तथा दो पक्षों की अलग-अलग सोच और उन विचारों को वास्तविकता के साथ दर्शाया है. (नीचे भी पढ़ें)

राजनीतिक घेराव पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. राम मंदिर विवाद और आर्टिकल 370 को ख़तम करना, इसके साथ ही तीन तलाक विरोधी कानून लाकर अन्य धर्मो के बीच भी इस सरकार ने अपनी छवि बनाई है. इतना ही नहीं, देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी इस सरकार ने किस तरह गति दी है, उसका भी वर्णन लेखक ने इस पुस्तक में किया है. मोदी जी का जीवन किसी अग्निपथ जैसा ही रहा है, बचपन से लेकर अब तक उन्होंने कई कड़वे घूंट पीकर अपने देश के प्रति भावनाओं को मजबूत किया है. उनकी त्याग और जनकल्याण की भावना उन्हें इस सदी का सबसे लोकप्रिय नेता बनाती है. इन सभी बातों का वर्णन इस पुस्तक में किया गया है.



