जमशेदपुर : टाटा संस के अध्यक्ष सह टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 9.35 लाख कर्मचारियों के नाम अपना संदेश नये साल को लेकर जारी किया है. इसमें उन्होंने देश के हालत के साथ ही कंपनी की स्थिति की भी जानकारी साझा की है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा है कि भारत अगले साब सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था रहेगी. यह स्थिति अभई भी कायम है और आगे भी कायम रहेगी. उन्होंने बताया कि भारत के विकास की कहानी कहने के लिए यह काफी है कि उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है, खपत बढ़ी है और विदेशी निवेश भी बढ़ा है. श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि 2022 में टाटा समूह ने कई सारे महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. इसमें एयर इंडिया को वापस समूह को मिलना, टाटा नियो की लांचिंग, टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों की बिक्री होना. टाटा मोटर्स ने एक साल में 500,000 कारों की बिक्री का आंकड़ा पार किया है, इसमें 10 फीसदी इलेक्ट्रानिक कारें शामिल है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टाटा समूह की कई कंपनियों के लिए व्यापार में काफी तेजी आयी है. उन्होंने कहा कि अगले साल कमोडिटी की कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी पर सतर्कता से नजर रखने की जरूरत है.(नीचे भी पढे)
टाटा समूह के चेयरमैन ने कहा कि टाटा समूह ने वर्ल्ड क्लास सप्लाइ चेन में शामिल होने के लिए नयी पहल शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि अपने व्यापार और शेयरधारकों के लिए समूह काम करेगा जबकि देश और समुदायों के लिए लगातार काम करेंगे और आत्मविश्वास के साथ नये साल की चुनौतियों से निबटा जायेगा. उन्होंने कहा कि टाटा समूह आइटी और बिजनेस की स्थिरता में नये मानक स्थापित कर सकते हैं. श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि मंदी और दूसरे भू राजनीतिक संघर्षों से बचने की भी जरूरत है. वैश्विक पर्यावरण में कई जोखिम हो रहे है, जिससे बचने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मुद्रास्फीति को लेकर सतर्क रहना चाहिए. मंदी की स्थिति पर नजर रखना होगा. यूरोप के ऊर्जा संकट, मंदी से बचने की चुनौतियां और मुद्रास्फीति और भू राजनीतिक संघर्ष जैसी स्थितियों के कारण चुनौतियां भी आने साल में संभव है. उन्होंने भारत के परिदृश्य में कहा कि भारत अच्छी आर्थिक स्थिति में है और दुनिया में तेजी से बढ़ती हुई इकॉनॉमी बन रही है. यह गति और तेज हो सकती है.





