बहरागोड़ा : मकर संक्रांति पर्व की आहट सुनाई पड़ने लगी है. 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाया जाएगा. मकर संक्रांति को लेकर बहरागोड़ा और चाकुलिया प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे ताड़ और खजूर के पत्ते से कूमा बनाने की तैयारी में जुट गए हैं. बच्चे ताड़ और खजूर के पत्ते को काटकर ले जाते देखे जा रहें हैं. मकर संक्रांति की सुबह विभिन्न जलस्रोतों में स्नान करने के बाद ठंड से बचने के लिए आग तापने के लिए तालाब के आस-पास कूमा निर्माण की तैयारी में ग्रामीण जुट गए हैं. कूमा बनाने का प्रचलन क्षेत्र में वर्षों से है. बहरागोड़ा के ग्रामीण क्षेत्र में बच्चें और ग्रामीण ताड़ और खजूर के पत्तों की कटाई शुरू कर दी है. (नीचे भी पढ़ें)
मकर संक्रांति आने तक ताड़ और खजूर के पत्ते सूख जाएंगे और ग्रामीण इनसे कूमा बनाएंगे. मकर स्नान कर इन सूखे पत्तों में अलाव जलाकर ठंड से बचने के लिए आग तापेंगे. स्कूली बच्चे भी ताड़ और खजूर के पत्तों की कटाई में जुटे हैं. ग्रामीण ताड़ और खजूर के पत्तों को काटकर और सुखाकर उससे कुमा बनाते हैं. जलस्रोतों से लेकर गांव तक इन पत्तों से छोटे-छोटे कूमे बनाए जाते हैं. स्वर्णरेखा नदी के किनारे तो सूखे पत्तों से 50 से 100 फीट तक ऊंचे कुमा बनाए जाते हैं. प्रखंड के कई गांव मधुआबेड़ा, चडकमारा, गोहालडीहि बामडोल, मौदा, बेंदा, समेत अन्य कई गांव में और स्वर्णरेखा नदी किनारे पर भी कूमा बनाए जा रहे हैं.




