रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है. राज्य में जल्द एयर एंबुलेंस की सुविधा बहाल की जाएगी. यह सुविधा आमजनों को बिल्कुल सरकारी दर पर उपलब्ध करायी जाएगी. बेहतर इलाज के लिए मरीजों को देश के किसी भी कोने में स्थापित अस्पताल में जाना हो तो वे एयर एंबुलेंस की सुविधा ले सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मेडिकल सर्किटों को एक-दूसरे से जोड़ने करने का काम किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी जरूरतमंद मरीजों को जेनेरिक मेडिसिन उपलब्ध कराया जा सके इस निमित्त कार्य योजना बनायी जा रही है. स्वास्थ्य क्षेत्र में कई चीजें ऐसी है जिनको जमीनी स्तर पर तैयार करने की आवश्यकता है. राज्य के सभी जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कार्य करे यह हमारी प्राथमिकता है. उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को रांची के जिमखाना क्लब में आयोजित पहले नेफ्रो क्रिटिकल केयर कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कहीं. (नीचे भी पढ़ें)

राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अभी और बहुत कार्य करने की आवश्यकता है. राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर कार्य योजना तैयार कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों मैं गढ़वा जिला स्थित बूढ़ा पहाड़ गया था. एक समय ऐसा था जब बूढ़ा पहाड़ नक्सलियों के कब्जे में था. बूढ़ा पहाड़ के नजदीक ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस पहाड़ में आने-जाने पर मनाही थी. वहां के लोगों को अब तक यह भी पता नहीं कि राज्य में रांची जैसा एक शहर भी है. इस बात से यह समझा जा सकता है कि वहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं की क्या दशा रही होगी. हमारी सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए निरंतर चिंतन करती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले अजीम प्रेमजी भी बहुत जल्द हमारे साथ जुड़ने वाले हैं. राज्य सरकार अजीम प्रेमजी को 300 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है जहां स्वास्थ्य सुविधा के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज भी स्थापित की जाएगी. अजीम प्रेमजी की संस्था राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करेगी. स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा देने वाली अपोलो सहित कई ऐसे संस्थान हैं जिनकी सेवा झारखंड में लेने निमित्त राज्य सरकार कार्य योजना बना रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जल्द निजी अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और ज्यादा मजबूत करने पर बल देगी. (नीचे भी पढ़ें)

कोरोना संक्रमण काल में राज्य सरकार ने बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण पेश किया
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के समय देश के संभ्रांत राज्यों की स्थिति जब बदतर थी तभी हमारे राज्य झारखंड ने एक बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण पेश किया तथा राज्यवासियों को इस संक्रमण से बचाने का काम कर दिखाया. संक्रमण काल में हमने कोई चमत्कार नहीं किया बल्कि आप सभी डॉक्टर्स तथा राज्य सरकार के बेहतर समन्वय का प्रतिफल रहा कि कोरोना संक्रमण जैसी समस्या से केयरफुल हैंडल किया जा सका. कोरोना संक्रमण काल में आप सभी डॉक्टर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दो दिवसीय पहले नेफ्रो क्रिटिकल केयर कांफ्रेंस कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. नेफ्रो क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञ डॉक्टरों के जो भी सुझाव राज्य सरकार को मिलेंगे उन सुझावों पर राज्य सरकार अवश्य विचार करेगी. मुख्यमंत्री ने सभी डॉक्टर एवं आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं और बधाई दीं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के कर कमलों से बेहतर कार्य करने वाले कई विशेषज्ञ डॉक्टरों को द्रोणाचार्य सम्मान तथा प्राइड ऑफ झारखंड अवार्ड से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार, डॉ घनश्याम सिंह, डॉ अशोक कुमार बैद्य सहित डॉ तापस कुमार साहू, डॉ प्रदीप कुमार भट्टाचार्य, डॉ आर० के० शर्मा, डॉ राश कुजूर एवं कई जाने-माने विशेषज्ञ डॉक्टर्स उपस्थित थे.




