जमशेदपुर: संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनके महान विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा जमशेदपुर महानगर द्वारा जिला स्तरीय ‘भव्य कलश वंदन अभियान’ के तहत सोनारी स्थित चित्रगुप्त भवन सभागार में कलश वितरण कार्यक्रम आयोजित की गई. भाजपा जमशेदपुर महानगर उपाध्यक्ष संजीव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक पूर्णिमा साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, जिला प्रभारी बबन गुप्ता एवं पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा समेत कई वरिष्ठ नेतागण मुख्यरूप से शामिल हुए. कार्यक्रम में स्वागत संबोधन करते हुए जिला उपाध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि पार्टी का यह अभियान संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है.वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की पावन जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पवित्र माटी से युक्त कलश 28 मंडलों के अध्यक्षों को श्रद्धापूर्वक सुपुर्द किए गए. मंडल अध्यक्षों के नेतृत्व में इन कलशों को मंडल क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन हेतु रखा जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कराते हुए संत रविदास के विचारों और संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. 9 सितंबर को सभी कलशों को विधिवत एवं पूर्ण पवित्रता के साथ मंदिर प्रांगण अथवा किसी वृक्ष की जड़ में स्थापित किया जाएगा.(नीचे भी पढ़े)

संत रविदास के विचार सामाजिक समरसता की मजबूत नींव : विद्युत महतो
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि भारत संतों, ऋषियों और महापुरुषों की पावन भूमि है. जब-जब समाज में अन्याय, अत्याचार, ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी विकृतियां बढ़ीं, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा दिखाई. संत रविदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से समानता, सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश देकर समाज में नई चेतना का संचार किया. उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान जाति या सामाजिक भेदभाव से नहीं, बल्कि उसके कर्म, सदाचार और भक्ति से होती है. उनका अमर संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा”आज भी आंतरिक शुद्धता और आध्यात्मिक चेतना का मार्गदर्शन करता है.सांसद विद्युत महतो कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने के साथ सामाजिक समरसता और सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” और “विकास भी, विरासत भी” का मंत्र देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है.(नीचे भी पढ़े)

संत रविदास का संदेश आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक : पूर्णिमा साहू
विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि संत रविदास का समरसता, समानता और मानवता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि समाज को जाति, धर्म और भेदभाव के आधार पर बांटने वाली शक्तियों से सजग रहने की आवश्यकता है. संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारकर ही सामाजिक एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया जा सकता है. उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पवित्र कलश को मंडल क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों तक श्रद्धापूर्वक पहुंचाएं और संत रविदास के विचारों एवं आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं.(नीचे भी पढ़े)
कार्यक्रम में मंच संचालन जिला महामंत्री सह कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र राय एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला मंत्री सह अभियान के जिला संयोजक मुचिराम बाउरी ने किया.इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, सुधांशु ओझा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश शुक्ल, राजन सिंह, जटाशंकर पांडेय, योगेश मल्होत्रा, रीता मिश्रा, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, जिला पदाधिकारी बबुआ सिंह, रूबी झा, अमरजीत सिंह राजा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, मुचिराम बाउरी, रेणु सिन्हा, कृष्णा शर्मा काली, संजीत चौरसिया, प्रेम झा, अखिल सिंह, बिनोद सिंह, अमित सिंह, उज्ज्वल सिंह, किशोर ओझा, हलदर नारायण साह, अमित अग्रवाल, मोर्चा अध्यक्ष नीलु मछुआ, मंजीत सिंह, नीतीश कुशवाहा, पप्पू सिंह, खेमलाल चौधरी, अप्पा राव, पवन सिंह, कमलेश सिंह, चंचल चक्रवर्ती समेत मंडलाध्यक्ष प्रशांत पोद्दार, बिनोद राय, रविन्द्र सिसोदिया, मारुति नंदन पांडेय, उपेंद्र गिरी, रंजीत सिंह, पप्पू उपाध्याय, युवराज सिंह, रितेश झा, विकास शर्मा, रंजीत सिंह, राकेश चौबे, आनंद कुमार, अमित मिश्रा, श्यामल महाकुड़, हन्नु जैन, सुमित शर्मा, नीरज शर्मा, सूरज साह, जुगनू वर्मा, सनातन दास, कृष्णपद सिंह, मधुसूदन महतो, अशोक सामंत समेत अन्य मौजूद रहे.




